
गांधी शांति प्रतिष्ठान में’सामाजिक न्याय पथ’ के बैनर तले विचार गोष्ठी का आयोजन
टीम एक्शन इंडिया
नई दिल्ली: गांधी शांति प्रतिष्ठान नई दिल्ली में समाजवादी लोहिया वादी गांधी वादी, धरतीपुत्र श्रद्धेय नेताजी मुलायम सिंह यादव के विचारधारा को मानने वाले समर्थकों कार्यकर्ताओं ने ‘सामाजिक न्याय पथ’ के बैनर तले सामाजिक न्याय, व्यवस्था परिवर्तन एवं पर्यावरण पर जन जागरूकता हेतु विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राव राजेंद्र सिंह ने अपना विचार व्यक्त किया।
विशिष्ट अतिथि के रूप में समाजवादी पार्टी दिल्ली प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष श्याम गंभीर, श्री कृष्ण वंशी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश यादव, सामाजिक न्याय पथ के राष्ट्रीय अध्यक्ष दान बहादुर यादव एडवोकेट, कवि एवं पत्रकार विश्वनाथ मौर्य अकेला, मोहम्मद मुजफ्फर खान, एडवोकेट गौरी शंकर शर्मा, एडवोकेट चंद्रहास मौर्य, अमेरिका में प्रोफेसर रहे रिंकू यादव, समाजवादी शिक्षक सभा के राष्ट्रीय महासचिव कुलदीप यादव, शैलेंद्र यादव, प्रोफेसर राहुल यादव अध्यक्ष समाजवादी शिक्षक सभा दिल्ली प्रदेश अपने तमाम साथियों के साथ कार्यक्रम में उपस्थित रहे और विचार गोष्ठी में अपने-अपने विचार व्यक्त किया।
यूनियन लीडर बीपती रामजी, राम प्रताप यादव, एडवोकेट वीरपाल सिंह, एडवोकेट शाहरुख खान, राजेंद्र ,यादव गुड्डू, इंद्रजीत यादव, एडवोकेट सुषमा यादव, डॉक्टर अली अहमद इद्रीसी ,डॉक्टर पुरुषोत्तम, डॉक्टर एम ए अजीज, पुरुषोत्तम कुमार, विपिन यादव, इंद्रपाल सिंह, नंदकिशोर ,मोहम्मद शाहरुख खान एडवोकेट, उमेश यादव एडवोकेट, मोहम्मद अजीजु र्रहमान मोहम्मद शाहरुख खान एडवोकेट, सुनील कश्यप (समाजसेवी) सतीश यादव, कृपानाथ यादव, कुमारी रेनू यादव, राजेंद्र, जितेन्द्र मंगल, जनक सिंह यादव, नेतराम चौधरी, सुबोध यादव, सर्वेश कुमार, सुभाष यादव, सुमित कुमार, श्रीगौरी शंकर गुप्ता, एडवोकेट चंद्रशेखर यादव, अशोक कुमार यादव, एडवोकेट गुलाबचंद यादव, एडवोकेट जेके वर्मा के साथ बड़ी मात्रा में सामाजिक कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में सत्यनारायण यादव के नेतृत्व में एडवोकेट ईश्वर सिंह वर्मा एवं श्याम सिंह यादव के अथक प्रयास से कार्यक्रम की सफलता के लिए सत्यनारायण यादव ने अपने अध्यक्षीय भाषण में उपस्थित समूह को संबोधित करते हुए सामाजिक न्याय व्यवस्था परिवर्तन और पर्यावरण पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण के लिए दिल्ली और देश की केंद्रीय सरकार जिम्मेदार है प्रत्येक वर्ष संपूर्ण भारत में करोड़ वृक्ष लगाए जाते हैं मगर वह वृक्ष जिंदा कितने रहते हैं अगले सीजन तक, प्राय 99% पेड़ मर जाते हैं, आखिर इसके लिए जिम्मेदार कौन, जो पेड़ लगाते हैं या उन पेड़ों को पानी देने वाला और देखभाल करने वाला। क्या पेड़ लगाने तक ही सरकार के अधिकारी और ठेकेदार अपनी जिम्मेदारी को समझते हैं। वृक्षारोपण के बाद आखिरी या जिम्मेदारी किसकी होती है। सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए। वृक्षारोपण के नाम पर जो अरबो रुपए की लूट पूरे देश में होती है इस पर आवाज बुलंद किया जाना चाहिए। इस मौके पर कई गणमान्य लोगों ने विचार रखें।



