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बीएसइबी ने जारी किया 10वीं का रिजल्ट, टॉपर बनी रमायनी रॉय

बीएसइबी ने जारी किया 10वीं का रिजल्ट, टॉपर बनी रमायनी रॉय
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पटना। एक्शन इंडिया न्यूज़

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसइबी) ने गुरुवार को शिक्षा मंत्री विजय चौधरी की उपस्थिति में दसवीं का परिणाम घोषित किया। बिहार में औरंगाबाद जिले के दाउदनगर की रमायनी रॉय ने टॉप किया है। रमायनी पटेल हाईस्कूल की छात्रा हैं। उन्होंने 500 में 487 अंक (97.4 प्रतिशत) अंक हासिल किए।

पहले रिजल्ट एक बजे जारी होना था लेकिन बिहार बोर्ड ने ऐन वक्त पर समय में बदलाव किया। रिजल्ट तीन बजे जारी किया गया। रिजल्ट की घोषणा शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने की। इस मौके पर बिहार बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर और शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार मौजूद थे।

नवादा की सानिया और मधुबनी के विवेक कुमार दूसरे स्थान पर रहे। इन दोनों के 486 अंक रहे। इसके बाद तीसरे स्थान पर औरंगाबाद की प्रज्ञा कुमारी हैं। प्रज्ञा ने 485 अंक हासिल किए। टॉप 10 में 39 विद्यार्थी शामिल हैं, जबकि टॉप पांट में आठ छात्र हैं। इस वर्ष 79.88 प्रतिशत बच्चे पास हुए हैं। चौथे स्थान पर 484 अंकों के साथ निर्जला कुमार रहीं जो पटना महादेव हाईस्कूल की छात्रा हैं। इसके बाद पांचवें स्थान तीन स्टूडेंट्स हैं। भोजपुर सर्वोदय हाईस्कूल के अनुराग कुमार, उत्क्रमित एमएस मिर्जागंज अलीगंज जमुई के सुसेन कुमार और केरई उच्च माध्यमिक विद्यालय के निखिल कुमार ने पांचवां स्थान हासिल किया। तीनों के 483 मार्क्स आए हैं।

परीक्षा में कुल 16,11099 स्टूडेंट्स शामिल हुए थे। इनमें 820179 छात्र व 790920 छात्राएं थीं। इनमें से कुल 1286971 स्टूडेंट्स पास हुए। पास होने वालों में 678110 छात्र व 608861 छात्राएं रहीं। इनमें से 42,4597 स्टूडेंट को फर्स्ट डिविजन प्राप्त हुई है। 51,0411 सेकेंड डिविजन और 347637 स्टूडेंट्स थर्ड डिविजन से पास हुए हैं।

इस मौके पर शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने बोर्ड अधिकारियों को रिजल्ट रिकॉर्ड समय में जारी करने की बधाई दी। उन्होंने कहा कि लड़कियां टॉपरों की लिस्ट में छाई हुई है। इससे अच्छी शिक्षा मिलने और समाज में बेहतरी होती स्थिति का पता चलता है। उन्होंने कहा कि समय पर रिजल्ट जारी कर बिहार ने एक बार फिर रिकार्ड कायम किया है। इससे छात्रों को सहूलियत होती है। देश भर में जितनी भी उच्च शिक्षा की परीक्षा होती है, यह मई-जून में होती है। परीक्षा परिणाम समय पर जारी होने पर बच्चों को उस एग्जाम की तैयारी करने में सुविधा होती है।

विजय चौधरी ने कहा कि पहले केवल सब्जेक्टिव परीक्षा होती थी, इससे बच्चों की मार्किंग में कमी होती थी। इस तरह की परीक्षा में राज्य के बच्चे 60 प्रतिशत अंक से ज्यादा नहीं ला पाते थे। हमने परीक्षा का पैटर्न को बदला जो राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानक अनुरूप था। इससे यह लाभ हुआ कि हमारे बच्चों भी मार्किंग में पिछड़ते नहीं हैं। हम लोगों ने पैटर्न बदलने के साथ इसकी गुणवत्ता पर भी फोकस किया है। आज हमारे राज्य के बच्चे अच्छे अंकों से पास होकर अच्छी जगह पर नामांकन ले रहे हैं।

पिछले साल लड़के हुए थे ज्यादा पास

  • लड़के- 6 लाख 76 हजार 518
  • लड़कियां - 6 लाख 16 हजार 538
  • कुल पास हुए छात्रों की संख्या - 12 लाख 93 हजार 054 छात्र
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