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छत्तीसगढ़ के अमनदीप, सौरभ और शुभम सैय्यद मुश्ताक अली टी -20 क्रिकेट टूर्नामेंट में हुए चयनित

छत्तीसगढ़ के अमनदीप, सौरभ और शुभम सैय्यद मुश्ताक अली टी -20 क्रिकेट टूर्नामेंट में हुए चयनित
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भिलाई नगर एक्शन इंडिया न्यूज़

अमनदीप खरे, सौरभ खरवार और शुभम सिंह, बीएसपी क्रिकेट टीम के तीन खिलाड़ियों को छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ सीनियर टी -20 क्रिकेट टीम में चुना गया है। वर्तमान में राष्ट्रीय स्तर के सैय्यद मुश्ताक अली टी -20 मैचों में भाग ले रहे हैं। ये मैच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) द्वारा बड़ौदा में 10 से 18 जनवरी, 2021 के मध्य आयोजित किए जा रहे हैं।

भिलाई स्टील प्लांट के वायर रॉड मिल में सहायक प्रबंधक एन पी खरे के सुपुत्र अमनदीप खरे ने 13 साल की उम्र में पेशेवर रूप से खेलना शुरू कर दिया था। उन्होंने बड़ौदा में चल रहे सैय्यद मुस्ताक अली ट्रॉफी में हिमाचल के खिलाफ मैच में नाबाद 87 रन बनाए। अमनदीप चार साल से रणजी ट्रॉफी खेल रहे हैं। उनके पिता खरे खुद एक अंपायर हैं और उन्हें लगता है कि उनके बेटे को भिलाई स्टील प्लांट से मिलने वाले सही एक्सपोज़र, सपोर्ट और सुविधाओं के कारण इस स्तर तक पहुँचा जा सका। अमनदीप को वर्ष 2016 में अंडर -19 विश्व कप के लिए खेलने का गौरव प्राप्त हुआ है।

उनके कोच राजा बनर्जी ने बताया की अमनदीप उस समय के इंटर जोनल मैचों में सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे है। भिलाई स्टील प्लांट के ब्लास्ट फर्नेस में चार्जमैन, सुनील खरवार के पुत्र, सौरभ खरवार 2012 से बीएसपी क्रिकेट टीम के लिए खेल रहे हैं। उन्होंने 2016 से विजय हजारे ट्रॉफी और रणजी ट्रॉफी में छत्तीसगढ़ टीम का प्रतिनिधित्व किया है और वर्तमान में राष्ट्रीय स्तर के सैय्यद मुश्ताक अली टी -20 मैचों में भाग ले रहे हैं । अनूप सिंह के पुत्र शुभम सिंह ने 2019-20 में छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ अंडर -23 टूर्नामेंट के कप्तान के रूप में अपनी प्रतिभा दिखाई है।

एक इंजीनियर सह क्रिकेटर, शुभम एक लेग स्पिनर होने के साथ साथ एक अच्छे बल्लेबाज भी है। उन्होंने विजय हजारे, रणजी ट्रॉफी और मुश्ताक अली टूर्नामेंट में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया है। राजा बनर्जी, जिन्होंने तीनों क्रिकेटरों को कोचिंग दी है, वर्तमान में लगभग एक दशक से बीएसपी और बीएसपी के सीनियर क्रिकेट टीम के वरिष्ठ खेल समन्वयक हैं। वे अंडर-19 छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्य कोच भी हैं। राष्ट्रीय स्तर पर खेलने वाले 50 से अधिक क्रिकेटरों को प्रशिक्षित किया है। उन्होंने खिलाडियों को खेल पर ध्यान केंद्रित करने के तकनीक से रूबरू करने के साथ साथ खेल के दबाव सहने की शक्ति विकसित किया हैं|

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