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कृष्ण जन्मोत्सव: डाकोर और द्वारकाधीश मंदिर के कपाट खुले, दर्शन करने के लिए लगी श्रद्धालुओं की लाइन

कृष्ण जन्मोत्सव: डाकोर और द्वारकाधीश मंदिर के कपाट खुले, दर्शन करने के लिए लगी श्रद्धालुओं की लाइन
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  • जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर डाकोर और द्वारका में पुलिस की कड़ी सुरक्षा
  • कोविड दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए श्रद्धालुओं ने मंदिर में किया प्रवेश

द्वारका/अहमदाबाद। एक्शन इंडिया न्यूज़

आज जन्माष्टमी का पावन दिन है। राज्य भर के कृष्ण मंदिरों में तैयारियां जोरों पर हैं। डाकोर मंदिर (डाकोर मंदिर में जन्माष्टमी) और द्वारका मंदिर (द्वारका मंदिर में जन्माष्टमी) पर कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार नजर आ रही है। मास्क और कोरोना की गाइडलाइन के अनुसार श्रद्धालुओं ने कतार में खड़े होकर भगवान द्वारकाधीश को प्रणाम किया।

कोरोना के चलते पिछले साल दर्शनार्थियों के लिए दर्शन व्यवस्था बंद कर दी गई थी। इसलिए इस वर्ष कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए प्रशासन की अनुमति पर मंदिरों में कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। आज घर बैठे डाकोर और द्वारका लाइव दर्शन के माध्यम से आशीर्वाद प्राप्त किया जा सकता है।


पिछले साल कोरोना महामारी के कारण भक्त द्वारका नहीं आ सके और घर से ऑनलाइन कृष्ण जन्मोत्सव मनाया, लेकिन इस बार मंदिर के सबसे बड़े त्योहार को भक्तों की उपस्थिति में मनाने का फैसला किया गया है।

कोरोना गाइडलाइन के बाद इस साल मंदिर में फागनी पूनम के लिए कार्ययोजना लागू की गई है। ताकि आगंतुक परिक्रमा न कर सकें। आगंतुकों को पुलिस द्वारा 200-200 के समूहों में मंदिर में प्रवेश करने की अनुमति दी जा रही है। जहां से भक्त श्रीजी महाराज के दर्शन कर सीधे गेट नंबर 2 से निकलेंगे। मंदिर प्रशासन की ओर से हर श्रद्धालु के मंदिर में सेनेटाइज होने के बाद ही प्रवेश की व्यवस्था की गई है। इस बीच, आगंतुकों को कोरोना के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा।


श्रीद्वारकाधीश मंदिर के प्रशासक द्वारा जन्माष्टमी उत्सव के कार्यक्रम की घोषणा की गई है, जिसमें 30 अगस्त को श्रीजी के दर्शन का समय सुबह 6 बजे मंगला आरती, सुबह 6 बजे से 8 बजे तक मंगला दर्शन, 8 बजे स्नान और श्रीजी को अभिषेक, सुबह 9 बजे होगा. अभिषेक प्रसाद पूजन सुबह 10 बजे श्रीजी को स्नान, 10:30 बजे श्रृंगार भोग, 11 बजे श्रृंगार आरती, 11-15 बजे ग्वाल भोग और दोपहर 12 बजे राजभोग अर्पण किया जाएगा। दोपहर 1 से 5 बजे तक रहेगा।


जन्माष्टमी के दिन मंदिर में भीड़ नहीं होती है और सुरक्षा बनाए रखी जाती है ताकि जन्माष्टमी के दिन, आगंतुक 56 सीढ़ियों के माध्यम से मुख्यद्वार में प्रवेश कर सकें और बाहर निकल सकें। मंदिर में दर्शन के लिए आनेवाले श्रद्धालुओं से सामाजिक दूरी और मास्क के नियमों के पालन की अपील की गई है।

द्वारकाधीश मंदिर की सुरक्षा के लिए करीब 100 पुलिस अधिकारी और 1,200 पुलिस, होमगार्ड और जीआरडी के जवान तैनात हैं। जन्माष्टमी से पहले कलेक्टर, एसपी, डीडीओ, डीवाईएसपी सहित अधिकारियों ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया।


द्वारका के जगत मंदिर में कड़ी सुरक्षा के अलावा जिला पुलिस प्रमुख सुनील जोशी, जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर बेटद्वारका और नागेश्वर आनेवाले तीर्थयात्रियों के लिए विशेष व्यवस्था कर रहे हैं।

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