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कोरोना में स्वर्ण प्राशन दे सकता है बच्चों को बेहतरीन इम्यूनिटी - डा. गुरू शर्मा

कोरोना में स्वर्ण प्राशन दे सकता है बच्चों को बेहतरीन इम्यूनिटी - डा. गुरू शर्मा
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कठुआ । एक्शन इंडिया न्यूज़

इस वर्तमान समय में बच्चों में शारीरिक व मानसिक स्वस्थता सभी अभिभावकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। पिछले वर्ष से लेकर अब तक बच्चों की रोजमर्रा की गतिविधियां बंद हैं। स्कूल में जाना, दोस्तों के साथ खेलना, डांस क्लास, खेल कूद की गतिविधियां आदि कोरोना काल के कारण प्रभावित हुए हैं, बच्चे का जीवन घरों की चारदीवारी तक ही सीमित हैं। अभिभावक भी कोरोना में लाकडाऊन तथा कोरोना से हो रहे नुक्सान की खातिर चिन्ता तथा तनाव में रह रहे हैं।

घर में बच्चों की आनलाइन पढ़ाई की अतिरिक्त जिम्मेदारी के लिए समय निकालना, खेल कूद बन्द होने के कारण बच्चों में पैदा हुए चिड़चिड़ेपन को दूर करने के प्रयास करना, आनलाइन क्लास के लिए घंटों घंटों बच्चों का मोबाईल से लगे रहना, मनोरंजन के साधन न होने पर पूरा दिन टी वी देखना, मोबाईल पर गेम्स खेलना आदि भी अभिवावकों की परेशानी का कारण बने हुए हैं।

लाकडाऊन के कारण बच्चों की रोजाना की जीवनशैली भी बिगड़ गई है, खानपान का उचित ढंग नहीं है। वहीं दूसरी ओर जंक खाना या चॉकलेट, कुरकुरे व बाहर के लिफाफा बंद खाने के कारण बच्चे मानसिक तनाव के साथ साथ शारीरिक रूप से भी अस्वस्थ हो रहे हैं। इस समय बच्चों में बुखार, जुकाम, खांसी भी अभिभावकों की परेशानी को बढ़ा रहे हैं।

बच्चों के शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक व आध्यात्मिक विकास के लिए व वर्तमान समय के अनुरूप अगर बच्चों की इम्यूनिटी को बढ़ाकर उनके सर्वांगीण विकास की बात की जाए तो कोरोना काल व निकट भविष्य में बच्चों के स्वास्थ्य के लिए स्वर्ण प्राशन से बेहतर विकल्प कोई भी नहीं हो सकता।

स्वर्ण प्राशन आयुर्वेद में वर्णित 16 संस्कारों में से एक है। इसे आयुर्वेदिक इम्यूनिटी बूस्टर के तौर पर भी जाना जाता है। इसे स्वर्ण अमृत प्राशन व स्वर्ण बिन्दू प्राशन के नाम से भी जाना जाता है। आयुर्वेदिक शास्त्रों में विभिन्न आचार्यों ने स्वर्ण प्राशन का उल्लेख करते हुए इसके अनगिनत लाभ बताए हैं।

स्वर्ण प्राशन आयुर्वेद के प्रथम प्रायोजन अर्थात उद्देश्य 'स्वस्थस्य स्वास्थ्य रक्षणम' - स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा करना को पूरा करता है। स्वर्ण प्राशन के उपयोग से शरीर की व्याधि प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है तथा शरीर में होने वाले रोग से बचाव कर लेता है।

अलग अलग शोधों में भी यह बात साबित हो चुकी है कि स्वर्ण प्राशन के प्रयोग से शरीर में इम्यून सेल्स व टी सेल्स में बढ़ौतरी होती है व इसके प्रयोग से कोई दुष्प्रभाव भी देखने को नहीं मिला है। शरीर में एंटीबाडी न बनने या खत्म होने की अवस्था में टी सैल ही कोरोना या दूसरे किसी संक्रमण में लाभदायक हैं। बच्चों में पोषण की कमी होने पर भी स्वर्ण प्राशन अत्यंत लाभकारी है।

यह बात भी ध्यान देने योग्य है कि वर्तमान परिस्थितियों में वायु व जल दूषित होने से महामारी ने जन्म लिया है। इस अवस्था में फल, सब्जियां भी पूर्ण रूप से लाभकारी नहीं होती हैं। इस समय खनिज व रसौषधियों का उपयोग लाभदायक है। स्वर्ण प्राशन भी पूर्ण रूप से शुद्द स्वर्ण व भस्म के रूप में प्रयोग में लाया जाता है।

औषधीय घृत, मधु व मेध्य आयुर्वेदिक द्रव्यों से स्वर्ण प्राशन का निर्माण किया जाता है। स्वर्ण प्राशन से बुद्दि वर्धनम, मेध्य वर्धनम, अग्नि वर्धनम, बल वर्धनम, आयु वर्धनम, याददाश बढ़ाना, बच्चों के उचित विकास में सहायक, बच्चों के बोलने में सहायक, ओज को बढ़त आदि के लाभ है।

स्वर्ण प्राशन का समय इस प्रकार है, जैसे कि स्वर्ण प्राशन पुष्य नक्षत्र के दिन से ही देना आरंभ करना चाहिए। पुष्य नक्षत्र 28 दिन के बाद आता है। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में मंत्रोच्चारण के बाद आयुर्वेदिक शास्त्रों में वर्णित विधि द्वारा बनाया हुआ स्वर्ण प्राशन बहुत प्रभावशाली माना गया है। पुष्य नक्षत्र वाले दिन ग्रहों का इसके बनाने व सेवन करने में बहुत अच्छा प्रभाव होता है।

स्वर्ण प्राशन का बेहतरीन लाभ 0-16 वर्ष के बच्चों में बताया गया है क्योंकि जन्म से लेकर 16 वर्ष तक की अवस्था ही बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास की मूल अवस्था होती है। आचार्य सुश्रुत ने बच्चे के जन्म के तुरंत उपरांत जातकर्म संस्कार के रूप में भी स्वर्ण के साथ घृत व मधु देने का वर्णन किया है।

स्वर्ण प्राशन 30 दिन रोज से लेकर 6 महीने तक दिया जा सकता है या फिर स्वर्ण प्राशन को सिर्फ पुष्य नक्षत्र वाले दिन महीने में एक बार ही दें। बच्चों में स्वर्ण प्राशन का उपयोग बच्चों के सर्वांगीण विकास में निरूसंदेह अत्यंत प्रभावी है। इस कोरोना समय में बच्चों में चिड़चिड़ापन, अवसाद, तनाव व किसी भी प्रकार से शरीर की इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए स्वर्ण प्राशन से बेहतर विकल्प कोई भी नहीं हो सकता। आने वाली स्वर्ण प्राशन की तिथी पुष्य नक्षत्र 18 मई मंगलवार को है ।

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