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पेयजल की समस्या को लेकर पंचायत घाटी का शिष्टमंडल जल शक्ति विभाग के कार्यकारी अभियंता से मिला

पेयजल की समस्या को लेकर पंचायत घाटी का शिष्टमंडल जल शक्ति विभाग के कार्यकारी अभियंता से मिला
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कठुआ । एक्शन इंडिया न्यूज़

केंद्र सरकार और यूटी सरकार द्वारा घर-घर में स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। आऐ दिन जल शक्ति विभाग अपनी उपलब्धियां बताते नजर आते हंै। जिसमें लोगों को पेयजल मुहैया करवाने के दावे करते हंैं। लेकिन जमीनी स्तर पर हकीकत कुछ और ही है। आए दिन कठुआ शहर सहित आसपास के कंडी क्षेत्रों में पेयजल की समस्या को लेकर स्थानीय लोग प्रदर्शन कर रहे हैं।

मंगलवार को भी जिला कठुआ के अधीन पड़ते पंचायत घाटी के गांव मोड़ा डूंगा के स्थानीय गांव वासियों का एक शिष्टमंडल पेयजल की समस्या को लेकर जल शक्ति विभाग के कार्यकारी अभियंता से मिलने पहुंचा। शिष्टमंडल का नेतृत्व कर रहे घाटी पंचायत के सरपंच पृथीपाल सिंह निक्कू का कहना है कि उनकी पंचायत के अधीन पड़ते गांव मोड़ा डूंगा में पिछले 1 महीने से पेयजल की सप्लाई ठप पड़ी हुई है।

जिसकी वजह से लोगों को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने जल शक्ति विभाग के कर्मचारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी पंचायत में जल शक्ति विभाग की ओर से जो कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं, वे पानी सप्लाई देने के लिए जा पाइपों की मरम्मत के लिए गांववासियों से पैसे की मांग करते हैं। उन्होंने जल शक्ति विभाग के कार्यकारी अभियंता से सवाल पूछते हुए कहा है कि क्या जल शक्ति विभाग अपने कर्मचारियों को मासिक वेतन नहीं दे रहा है।

उन्होंने कहा कि जितने भी कर्मचारी उनकी पंचायत में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, अगर स्थानीय लोग पानी की समस्या को लेकर उनसे मिलते हैं, तो वह पैसे की मांग करते हैं और पैसे देने पर ही पानी सप्लाई छोड़ते हैं। स्थानीय गांववासियों का कहना है कि गर्मियों का मौसम चरम सीमा पर है, इस वक्त पानी की बहुत जरूरत है, सुबह से शाम तक दिनचर्या में गर्मी के मौसम में पानी हर एक को चाहिए।

लेकिन उनके गांव में पिछले 1 महीने से पेयजल सप्लाई ठप पड़ी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक तरफ कोरोना महामारी के चलते पूरा देश मे हाहाकार मची है। वहीं सरकार की तरफ से निर्देश जारी किए जा रहे हैं कि बार-बार हाथ धोएं और स्वच्छ रहे। लेकिन पिछले एक महीने से गांव में पानी सप्लाई ठप होने की वजह से हाथ धोना तो से दूर पानी पीने से भी मोहताज हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनके गांव में पेयजल सप्लाई चालू नहीं की गई तो उग्र प्रदर्शन का रूख अपनाएंे गए।


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