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वित्तीय वर्ष के खर्च का पूरा ब्यौरा जारी करें वित्त मंत्री : बाबूलाल मरांडी

वित्तीय वर्ष के खर्च का पूरा ब्यौरा जारी करें वित्त मंत्री : बाबूलाल मरांडी
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रांची। एक्शन इंडिया न्यूज़

भाजपा विधायक दल के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से वित्तीय वर्ष 2020-21 में 31 मार्च तक बजट का 83 प्रतिशत राशि खर्च दिखाया गया है। जबकि साल भर सरकार रोती रही कि केंद्र सरकार मदद नहीं कर रही है, तो 31 मार्च को 83 प्रतिशत खर्च की जानकारी मिली, तो ये चौंकाने वाले आंकड़े हैं। मरांडी गुरूवार को पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि वह वित्त विभाग के कई अधिकारियों से बात किये, तो पता चला कि 70-75 प्रतिशत ही राशि खर्च हुई है। 86 हजार करोड़ रूपये का बजट था। दो बार अनुपूरक बजट भी पास हुआ। कुल 96 हजार करोड़ से अधिक का बजट पास हुआ। इतनी बड़ी राशि की 75 फीसदी अगर खर्च हुई, तो आखिर काम दिखा कहां। इसमें जरूर कुछ गड़बड़ है।

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से सरकार अनुमानित बजट पेश करती है उसी प्रकार से खर्च का पूरा ब्यौरा वित्त मंत्री जारी करें। विस्तृत ब्यौरा से पता चलेगा कि किस प्रकार कहां-कहां राशि खर्च हुई है। यह जनता जानना चाहती है। उन्होंने कहा कि वह जब मुख्यमंत्री थे तो तीन हजार करोड़ से कम का बजट था। उस समय के विकास की चर्चा होती थी। तीन नए मेडिकल कॉलेज जब पिछली सरकार ने बनाया और अब तक शुरू नहीं हुआ। कुछ काम कहीं दिख नहीं रहा है, तो पैसे खर्च कहां हुए।

तमाड़ की तरह दुहराया जायेगा मधुपुर

उन्होंने कहा कि जिस तरह तमाड़ विधानसभा के उपचुनाव में मुख्यमंत्री शिबू सोरेन हार गये थे। उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था। ठीक उसी प्रकार मधुपुर में भी दोहराया जायेगा। मंत्री हफीजुल अंसारी को दो मई को इस्तीफा देना पड़ेगा।

राज्य में अधिकारी बेलगाम

मरांडी ने कहा कि राज्य में अधिकारी बेलगाम हो गये हैं। अपराधियों के सामने हेमंत सरकार नतमस्तक है। जिस तरह झारखंड के देवघर, झरिया, गढ़वा में घटना घटी, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि देवघर थाना के दारोगा ने जिस तरह सांसद निशिकांत दूबे को थाना बुलाया वह गलत है। क्या वे अपराधी हैं, चोर है। जिस तरह एक दारोगा उनको थाना बुलाता है। दारोगा को समय लेकर उनसे पूछताछ करनी चाहिए थी। इस तरह तो कोई झामुमो सुप्रीमो सह राज्यसभा सांसद शिबू सोरेन की डिग्री को लेकर भी केस कर सकता है। राज्य में बालू, कोयला चोरी पुलिस की मिलीभगत से हो रहा है।

उन्होंने कहा कि जो इस संबंध में केस करता है, उसे मारा पीटा जा रहा है। पुलिस को कानून के दायरे में रहकर अपना काम करना चाहिए। आज जो हाल मुंबई का है, वहीं झारखंड का भी होगा। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग अगर इस तरह काम करेगी, तो सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।

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