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रेमडेसिविर कालाबाजारी की जांच कर रही एसआईटी को सीआईडी ने अन्य कार्यों से मुक्त किया

रेमडेसिविर कालाबाजारी की जांच कर रही एसआईटी को सीआईडी ने अन्य कार्यों से मुक्त किया
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रांची। एक्शन इंडिया न्यूज़

कोरोना के इलाज में इस्तेमाल होने वाली रेमडेसिविर दवा की कालाबाजारी की जांच एसआईटी कर रही है। रेल एडीजी अनिल पालटा इस जांच की देखरेख कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार चार सदस्यीय एसआईटी टीम को अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने अन्य कार्यों से मुक्त कर दिया है।जबतक रेमडेसिविर दवा की कालाबाजारी की जांच पूरी नहीं हो जाती है, तब तक एसआईटी टीम में शामिल पुलिसकर्मी सिर्फ रेमडेसिविर दवा की कालाबाजारी मामले की जांच करेगी। इसके अलावा इन सभी पुलिसकर्मी को किसी अन्य मामले की जांच में नहीं लगाया जाएगा।

रेमडेसिविर कालाबाजारी मामले की जांच सीआईडी के निवर्तमान एडीजी अनिल पलटा के नेतृत्व में बनी एसआईटी की टीम कर रही है। राज्य सरकार ने इस मामले से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान बीते 21 जून को अदालत को बताया था कि सरकार इस मामले की जांच एसआईटी से करवाने के पक्ष में है, और उस एसआईटी का नेतृत्व वरीय आईपीएस अधिकारी अनिल पालटा ही करेंगे। अदालत ने राज्य सरकार के इस प्रपोजल को स्वीकार करते हुए, निर्देश दिया था कि एसआईटी अपनी पुरानी टीम के साथ जांच जारी रखें और समय-समय पर जांच की विस्तृत रिपोर्ट अदालत को सीलबंद लिफाफे में दे।

उल्लेखनीय है कि रेमडेसिविर की कालाबाजारी मामले में रांची पुलिस ने राजीव कुमार सिंह को गिरफ्तार किया था। बाद में कोतवाली थाने में दर्ज इस कांड को सीआईडी ने टेकओवर कर लिया था। इसकी जांच डीएसपी रैंक के अधिकारी कर रहे हैं, जबकि सीआईडी एडीजी रहते हुए अनिल पालटा केस की मॉनिटरिंग कर रहे थे।

इसी दौरान पालटा का तबादला कर दिया गया था। इसपर हाई कोर्ट ने नाराजगी जताई थी। इसके बाद मामले में एसआईटी का गठन किया गया था।

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