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क्लिनी लैब को उपायुक्त ने किया सील

क्लिनी लैब को उपायुक्त  ने किया सील
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धनबाद । एक्शन इंडिया न्यूज़

जिले के गया पुल स्थित प्रतिष्ठित रेडियोलोजी 'क्लिनी लैब' को उपायुक्त उमाशंकर सिंह ने सील करते हुए संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिया हैं। दरअसल जिले के तीन रेडियोलॉजिस्ट आविष्कार, आयुष्मान और क्लिनी लैब के खिलाफ बिना सरकारी गाइडलाइंस का पालन के लैब में जांच कराने की शिकायत मिली थी।

जिसके बाद शुक्रवार को तीनों रेडियोलॉजिस्ट लैब को अगले तीन दिनों तक बंद रखने का निर्देश दिया गया था। बावजूद इसके क्लिनी लैब अंदर के रास्ते गुपचुप तरीके से लैब में मरीजों को बुला उनकी जांच कर रहा था। इसकी सूचना मिलते ही उपायुक्त ने शनिवार को क्लिनी लैब में छापेमारी की।

इस दौरान क्लिनी लैब का शटर बाहर से तो बंद मिला लेकिन अंदर लोगों की भींड लगी थी। करीब 70 मरीज उस दौरान लैब में चेकअप के लिए मौजूद थे।

छापेमारी के दौरान सबसे चौंका देने वाली बात यह थी कि कोरोना संक्रमितों के साथ आम मरीजों की भी जांच की जा रही थी। उपायुक्त ने बताया कि क्लिनी लैब के द्वारा सरकार के गाइडलाइंस की धज्जियां उड़ाई गई है। चेतावनी देने के बावजूद लैब संचालक ने नियमों को दरकिनार किया है।

उन्होंने कहा कि कोरोना पॉजिटिव मरीजों के साथ ही अन्य मरीजों की भी जांच लैब में चल रही थी। सिटी चेस्ट और एक्सरे चेस्ट कोरोना पॉजिटिव मरीजों का यहां किया जा रहा था। लेकिन उन पॉजिटिव मरीजों की जानकारी प्रशासन को नहीं दी जा रही थी।

वैसे पॉजिटिव मरीज लैब से जांच के बाद भागकर निकल जाते हैं। लैब के द्वारा सिटी चेस्ट और सिटी एक्सरे किया गया। इनमें कई ऐसे एक्सरे हैं,जिनमें कोरोना संक्रमित है।

उन्होंने कहा कि एक ही स्थान पर इनके द्वारा पॉजिटिव और निगेटिव दोनो मरीजों की जांच की जा रही थी। सभी मशीनों को ऑपरेट किया जा रहा था। बाहर से शटर में ताला लगाकर दूसरे रास्ते से लोगों को जांच के लिए प्रवेश कराया जा रहा था। उन्होंने कहा कि लैब को संक्रमण फैलाने का जिम्मेदार मानते हुए उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने एवं लैब को सील करने का निर्देश दिया गया है।

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