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झारखंड

प्राइवेट अस्पतालों से कोरोना महामारी के दौरान 17 महीनों की कमाई का ब्यौरा सार्वजनिक करने की मांग

प्राइवेट अस्पतालों से कोरोना महामारी के दौरान 17 महीनों की कमाई का ब्यौरा सार्वजनिक करने की मांग
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रांची। एक्शन इंडिया न्यूज़


प्रदेश कांग्रेस राहत निगरानी समिति के सदस्य आलोक कुमार दूबे, लाल किशोर नाथ शाहदेव और राजेश गुप्ता ने रांची के लगभग सभी प्राइवेट अस्पतालों को पत्र भेजना शुरू कर दिया है। उन्होंने पत्र के माध्यम से कोरोना महामारी के 17 महीनों की कमाई का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक करने की मांग की है। इस बाबत स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को भी प्रतिलिपि देकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। समिति इसके बाद झारखंड के सभी जिलों में भी ऐसा ही पत्र भेजेगी।

आलोक दूबे ने सोमवार को बताया कि 'प्राइवेट अस्पतालों द्वारा आपदा में अवसर विषय' को लेकर 27 अक्टूबर को विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया है। उन्होंने बताया कि पत्र के माध्यम से मांग की गयी है कि प्राइवेट अस्पताल और नर्सिंग होम संचालक वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के दौरान आय-व्यय का ब्यौरा सार्वजनिक करें। समिति कोरोना काल में डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए किये गये कार्यों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करती है। जिस तरह से डॉक्टरों ने पूरे संक्रमण काल में अपनी जान की परवाह किये बिना मानवता की रक्षा और लोगों की जान बचाने का काम किया है। मानवीय मूल्यों की रक्षा को सर्वोच्च स्थान दिया, उसके कारण ही झारखंड में कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण पाया जा सका, लेकिन निजी अस्पताल संचालक जो पूरी तरह से व्यावसायिक दृष्टिकोण अपनाते हुए डॉक्टरों के ऊपर अनैतिक दबाव बनाते रहते हैं जो सर्वविदित है। संक्रमण काल के दौरान और अन्य मौकों पर कुछ अस्पतालों के प्रबंधन और नर्सिंग होम संचालकों की ओर से अवैध कमाई की शिकायत मिली है इसलिए सभी अस्पताल प्रबंधन पिछले डेढ़ वर्षों के दौरान अपने आय-व्यय का ब्यौरा सार्वजनिक करें, ताकि उनकी विश्वसनीयता जनता के बीच बनी रहे।

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