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श्रम अधीक्षक पर किसी भी दवा का नहीं हुआ असर, लगातार बिगड़ती गई तबीयत

श्रम अधीक्षक पर किसी भी दवा का नहीं हुआ असर, लगातार बिगड़ती गई तबीयत
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रामगढ़। एक्शन इंडिया न्यूज़

रामगढ़ के श्रम अधीक्षक दिगंबर महतो जनसेवा के दौरान ही कोरोना से संक्रमित हुए। जब उन्हें बुखार आने लगा तो उन्होंने अपना टेस्ट करवाया। उनकी तबीयत घर में भी काफी खराब हो गई थी। टेस्ट रिपोर्ट जब पॉजिटिव आ गया तो उन्हें आनन-फानन में सीसीएल हॉस्पिटल नईसराय में भर्ती कराया गया।

वहां चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ वीरेंद्र सिंह लगातार उनकी निगरानी कर रहे थे। कोरोना की जितनी दवाइयां चलनी चाहिए थी, लगातार दी जा रही थी। लेकिन पिछले एक सप्ताह में दिगंबर महतो की तबीयत में एक पल के लिए भी कोई सुधार नजर नहीं आया।

डॉ वीरेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही थी। उन्हें हाईली ऑक्सीजन सपोर्ट पर भी रखा गया था। इसके बावजूद उनकी बॉडी प्रॉपर रिस्पांस नहीं कर रही थी। उनकी बिगड़ती तबीयत से चिकित्सकों में भी चिंता बनी हुई थी। जिला प्रशासन के अधिकारी भी लगातार उनका हाल जान रहे थे।

गुरुवार को उन्हें सांस लेने में काफी तकलीफ होने लगी। ऑक्सीजन मास्क लगाए जाने के बावजूद भी वह सही तरीके से सांस नहीं ले पा रहे थे।

इसी दौरान कोरोना के खिलाफ चल रहा उनका संघर्ष हार गया। डॉ वीरेंद्र सिंह ने बताया कि चिकित्सकों को भी समझ में नहीं आ रहा है कि अभी कोरोना के सीरियस मरीजों को किस तरीके से हैंडल किया जाए। उन्हें कौन सी ऐसी दवा दी जाए जिससे उनकी उखड़ी हुई सांसो को रोका जा सके।

डीसी ने श्रम अधीक्षक के निधन पर जताई संवेदना

श्रम अधीक्षक दिगंबर महतो के निधन पर डीसी संदीप सिंह ने भी संवेदना जताई है। उन्होंने कहा है कि "आज रामगढ़ प्रशासन परिवार ने एक साथी कोरोना से लड़ाई में खो दिया। स्वर्गीय दिगम्बर महतो, श्रम अधीक्षक रामगढ़ कुछ दिनों से कोरोना ग्रसित थे। सभी प्रयास के बावजूद हम उन्हें बचा नहीं पाये। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति व उनके परिवार को शक्ति दें।

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