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अंर्तमन से अपनी सरकार की सोच बदलने के लिए सोचे पीएम मोदी : गहलोत

अंर्तमन से अपनी सरकार की सोच बदलने के लिए सोचे पीएम मोदी : गहलोत
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जयपुर। एक्शन इंडिया न्यूज़

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सलाह दी कि साबरमती से दांडी मार्च को हरी झंडी दिखाने के बाद उन्हें अपनी सरकार की सोच बदलने के लिए सोचना चाहिए। छह साल के उनके शासनकाल में क्या हुआ-क्या नहीं हुआ, देश भूल जाएगा। मोदी सरकार को किसानों की सुननी चाहिए। सरकारें कभी जिद नहीं करती। सरकारों को जिद करनी भी नहीं चाहिए। उनको बात सुननी चाहिए, हल निकालना चाहिए।

मुख्यमंत्री गहलोत दांडी मार्च की 91वीं वर्षगांठ के मौके पर शुक्रवार को बजाजनगर स्थित गांधी भवन से जेएलएन मार्ग स्थित गांधी सर्किल तक निकाले गए दांडी मार्च के बाद आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश में आज लोकतंत्र पर सवालिया निशान लग गया है। सभी एजेन्सियों व संस्थाओं का दुरुपयोग हो रहा है। जब से देश में मोदी सरकार बनी है, उम्मीद की जा रही थी कि वह अपनी विचारधारा किसी पर नहीं थोपेगी, लेकिन अब उल्टा हो रहा है।

मोदी जी जब विदेश यात्राओं पर गए, तब उनके माध्यम से देश का मान-सम्मान बढ़ा। बीते सत्तर सालों में देश में विज्ञान-तकनीक, एटॉमिक एनर्जी समेत हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। इसी प्रगति की बदौलत देश सिरमौर बना। मोदी जी से उम्मीद थी कि वे विदेशों में भारत की इस प्रगति का गुणगान करेंगे, लेकिन उन्होंने राजनीति की। उन्होंने उन सभी महापुरुषों को भुला दिया, जो इस देश की प्रगति के वाहक बने थे।

सीएम ने कहा कि भारत सरकार की ओर से बनाया गया यह कार्यक्रम लंबा चलेगा। 75 सप्ताह चलेगा। ऐसे कार्यक्रमों के लिए बुलावे नहीं होते। जहां गांधीजी का नाम जुड़ा हो, उनकी विचारधारा शामिल हो, वहां बिना बुलाए ही पहुंच जाओ। उन्होंने कहा कि अब देश को जाति-पाति के नाम पर बांटने का खेल खेला जा रहा है। उत्तरप्रदेश व मध्यप्रदेश में लव जिहाद पर कानून बन रहे हैं, ये हालात ठीक नहीं है। अभी हिन्दू-मुसलमान की बात हो रही है, फिर जब ये एजेण्डा खत्म हो जाएगा तो जातियों को आपस में लड़ाया जाएगा। अब तक तो आप कहते आये हो कि 56 इंच का सीना है। अगर है तो दिखाओ और सोच बदलो कि हम सभी जाति, धर्म, सभी वर्गों के लोगों को साथ लेकर चलेंगे। हिन्दू समाज में हो रहे भेदभाव, छुआछुत के कलंक को मिटाओ। अगर वास्तव में आप हिन्दुत्व की बात करते हो तो ईमानदारी से देश को कहो कि हम छुआछुत की यह भावना मिटाकर रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुसलमानों को अलग-थलग करने का अभियान चल रहा है, लेकिन उससे क्या होगा। कश्मीर में 40 साल से आतंकवाद है। 40 सालों से अफगानिस्तान, ईराक-ईरान, पाकिस्तान के आतंकवादी पकड़े गए, लेकिन हिन्दुस्तान का एक भी मुसलमान पाकिस्तान में आंतकवादी के रूप में नहीं पकड़ा गया। देश में कई राज्यों ने 50 साल पहले भी धर्म-भाषा के नाम पर अलग होने की आवाज उठाई थी। हश्र क्या हुआ, इतिहास गवाह है। आज देश में सरकार से इत्तफाख नहीं रखे तो उसके घर छापे पड़ जाते है। अब सभी को कान खोलकर सुन लेना चाहिए कि गांधी अतीत नहीं, भविष्य है।

सीएम ने कहा कि हमें राजस्थान के उन सेनानियों पर गर्व है, जिन्होंने ब्रिटिश हुकूमत को यहां से खदेडऩे के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। उस समय हर जिले से फ्रीडम फाइटर निकलते थे। हम गांधीजी से जुड़े इस कार्यक्रम को सभी के सहयोग से शानदार तरीके से करेंगे। गहलोत ने सर्वोदय परीक्षा का जिक्र करते हुए कहा कि हम चाहते है कि बच्चों में बचपन से ही संस्कार पैदा हो। स्कूल पाठ्यक्रम से ही बच्चे गांधीजी के बारे में जाने और पढ़े।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने बजाजनगर स्थित गांधी भवन से जेएलएन मार्ग स्थित गांधी सर्किल तक के दांडी मार्च को हरी झंडी दिखाई। दांडी मार्च में कांग्रेसी कार्यकर्ता हाथों में तिरंगा लेकर महात्मा गांधी जिंदाबाद के नारे लगाते हुए चल रहे थे। दांडी मार्च में परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, खान मंत्री प्रमोद जैन भाया, जलदाय मंत्री डॉ. बीडी कल्ला, तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष गर्ग, राज्यमंत्री राजेंद्र यादव, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री भंवर सिंह भाटी, उप मुख्य सचेतक महेंद्र चौधरी, निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा, कांग्रेस विधायक जोगेंद्र अवाना, कृष्णा पूनियां, कांग्रेस नेता राजीव अरोड़ा और पूर्व महापौर ज्योति खंडेलवाल शामिल हुई।

गांधी सर्किल पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री गहलोत सहित कई नेताओं ने गांधी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया। इस दौरान छोटे बच्चों ने प्रतीकात्मक दांडी मार्च को लेकर प्रस्तुति दी।

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