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जनाक्रोश के आगे झुका प्रशासन, विवाह समारोह पर लगाई रोक का फैसला लिया वापस

जनाक्रोश के आगे झुका प्रशासन, विवाह समारोह पर लगाई रोक का फैसला लिया वापस
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शिवपुरी। एक्शन इंडिया न्यूज़

शिवपुरी जिले में बढ़ते कोरोना को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा विवाह समारोह के आयोजन पर जो रोक लगाई गई थी वह रोक वापस ले ली गई है।

जिला प्रशासन के इस मनमाने फैसले से प्रशासनिक अधिकारियों की भद्द पिट रही थी क्योंकि शिवपुरी के अलावा आसपास के किसी भी जिले ग्वालियर, श्योपुर, दतिया में इस तरह से विवाह समारोह पर प्रशासन ने कहीं कोई रोक नहीं लगाई थी लेकिन शिवपुरी में मनमानी करते हुए अफसरों ने विवाह समारोह पर रोक लगा दी।

सोशल मीडिया व अन्य प्लेटफार्म पर लोगों ने इस पर अपनी तीव्र प्रतिक्रिया दी जिसके चलते प्रशासन को अपना फैसला बदलना पड़ा है। अब जिला प्रशासन की ओर से नए निर्देश जारी किए गए हैं इसमें लोग अपने निवास पर ही अधिकतम 20 लोगों की उपस्थिति में विवाह कार्यक्रम आयोजित कर सकते हैं।

20 से ज्यादा लोग नहीं होना चाहिए-

जिला प्रशासन की ओर से बताया गया है कि इस माह में जिले में कई परिवारों में विवाह समारोह होना है परंतु अभी कोरोना महामारी के प्रसार को देखते हुए अधिकतम 20 लोगों की उपस्थिति में अपने निवास स्थल पर ही सोशल डिस्टेंसिंग के साथ विवाह समारोह की अनुमति होगी।

इसकी सूचना संबंधित परिवार को एसडीएम (अनुविभागीय अधिकारी) को भी देना होगी। कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने निर्देश देते हुए कहा है कि जिन परिवारों में विवाह की तारीख तय हो गई हैं वह अपने निवास स्थल पर ही सोशल डिस्टेंसिंग के साथ अधिकतम 20 लोगों की उपस्थिति में विवाह संपन्न कर सकते हैं, परंतु कोविड-19 गाइडलाइन का उल्लंघन करने पर संबंधित के विरुद्ध दाण्डिक कार्यवाही की जाएगी।

नेताओं को सुनाई ग्रामीणों ने खरी-खोटी तो बदला फैसला-

बताया जाता है कि इस समय ग्रामीण क्षेत्र में 100 से ज्यादा शादियां हैं और पूर्व से ही यह समारोह तय हैं। ऐसे में प्रशासन ने कोरोना को देखते विवाह समारोह के आयोजनों पर एकतरफा रोक लगा दी। कई घरों में तो तेल चढ़े व शादी समारोह की रस्में लगभग पूरा कर चुके दूल्हा-दुल्हन इस फैसले से परेशानी में आ गए।

बताया जाता है कि ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े लोगों ने भाजपा के नेताओं से बात की और अपनी परेशानी बताई। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र के तो कई लोगों ने नेताओं को खरी-खोटी सुना डालीं। भाजपा के भी कई नेता एकतरफा फैसले से खुश नहीं थे क्यों कि ग्वालियर, दतिया, श्योपुर व अन्य जिलों में ऐसी कोई रोक नहीं थी।

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