Action India

अनूपपुर: पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की हड़ताल सातवें दिन भी जारी

अनूपपुर: पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की हड़ताल सातवें दिन भी जारी
X

अनूपपुर। एक्शन इंडिया न्यूज़

मप्र पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग संयुक्त मोर्चा के बैनर तले 17 संगठनों के कर्मचारी-अधिकारी द्वारा अपनी-अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सातवें दिन बुधवार को भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे रहे। जिले के चारों विकासखंड़ कोतमा, राजेन्द्रग्राम, जैतहरी सहित अनूपपुर में इंदिरा तिराहा पर अधिकारियों व कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन करते हुए अपनी मांगों को पूरा करने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं संगठनों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से विभागीय कार्यालयों के लम्बित कार्य प्रभावित हो रहें हैं।


सभी 17 संगठनों से बंधित कार्यालयों में कुछ अधिकारियों को छोडक़र कार्यालय में वीरानी छाई है। कर्मचारियों के नहीं होने से विभागीय स्तर के सभी कार्य ठप्प है, वहीं अपनी समस्याओं से जुड़े हितग्राही भी बिना समस्याओं के निराकरण वापस लौटने को विवश है।

मध्यप्रदेश पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग संयुक्त मोर्चा के प्रदेश व्यापी आह्वान पर विभिन्न मांगो को लेकर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी कर्मचारी 22 जुलाई से वेमुद्दत हड़ताल 28 जुलाई को भी अनूपपुर जिले के 279 ग्राम पंचायतों, 4 जनपद पंचायतों, राज्य आजीविका मिशन एवं जिला पंचायत के लगभग 650 अधिकारियों /कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन कलम बन्द हड़ताल के चलते विभागीय कार्यों एवं योजनाओं के साथ साथ अन्य विभाग की ऐसी योजनाएं जिनका क्रियान्वयन पंचायतों के माध्यम से होता रहा है,सभी कार्य पूरी तरह से ठप्प हो गया है। मनरेगा एवं प्रधानमंत्री आवास निर्माण भी प्रभावित हुआ है। पंचायत सचिवों, ग्राम रोजगार सहायकों, उपयंत्री, सहायक यंत्रीयों के साथ साथ अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से लगभग 2295 निर्माण कार्य बन्द हो गए, मनरेगा कार्यों में पूर्व लगभग 2802 कार्यों में 23052 श्रमिक संलग्न थे जो आज की तिथि में लगभग 3167 श्रमिक कार्य पर है। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, स्वच्छ भारत अभियान एवं एनआरएलएम सहित अन्य विभागीय जनकल्याकारी योजनाओं पूरी तरह ठप्प हो गया हैं।

ग्राम पंचायतों, जनपद पंचायतों एवं जिला पंचायत में ताला बंदी की स्थिति हो गई है। जिससे ग्राम पंचायतों के मनरेगा श्रमिकों के साथ साथ ग्राम पंचायतों से क्रियान्वित होने वाली जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थी लाभ पाने हेतु इधर उधर भटक रहे हैं।

Next Story
Share it