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गुना : जीवन का हर पल ईश्वर चिंतन में लगाएं: द्विवेदी

गुना : जीवन का हर पल ईश्वर चिंतन में लगाएं: द्विवेदी
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गुना। एक्शन इंडिया न्यूज़

गीता भगवान श्री कृष्ण जी के मुख से निकली हुई परम पावन वाणी है। वह मोह ग्रस्त अर्जुन को माध्यम बनाकर मानवीय जीवन दर्शन का सार्थक प्रगट स्वरूप है। मनुष्य को जीवन यापन करते हुये भक्ति भाव से सभी कार्यो को करते रहना चाहिए, जो बीत गया उसको चिंता न करते हुए शेष जीवन का हर पल ईश्वर चिंतन में लगाना चाहिए।

उपरोक्त विचार विश्व गीता प्रतिष्ठानम् के अध्यक्ष डॉ, जवाहरलाल द्विवेदी ने बुधवार को भार्गव कॉलोनी में पंडित देवेन्द्र भार्गव के निवास पर हुए स्वाध्याय में व्यक्त किए। इस मौके पर प्रकाश शर्मा ने बताया कि योग साधना के लिए ईश्वर को मन में विराजित दोनों भौहों के मध्य स्थित नगर में प्रवेश किया जा सकता है। लखन नामदेव ने कहा कि धन से हम भोजन, बिस्तर, सुविधा, पुस्तक एवं पारस तो प्राप्त कर सकते हैं, किन्तु भूख, नींद, ज्ञान एवं परमेश्वर नहीं मिल सकते।

ज्ञान के समान इस दुनिया में पवित्र कोई भी वस्तु नहीं

पंडित सुभाष त्रिवेदी ने कहा कि ज्ञान के समान इस दुनिया में पवित्र कोई भी वस्तु नहीं है। पंडित भोला शंकर भार्गव ने कहा हमें दो व्यक्तियों के बीच चल रही बात न तो सुनना चाहिए और न उन्हें कोई सलाह देना चाहिए राम स्वरूप सेन ने तुम्हारी गीता में भजन प्रस्तुत किया। इसी तारतम्य में उमाशंकर भार्गव ने कहा कि यदि आपके आने से किसी को स्नेह नहीं हो तो आपको वहां नहीं जाना चाहिए।

स्वाध्याय में प्रतिभा भार्गव, शोभा भार्गव, रक्षा भार्गव, रजनी चौरसिया, रितिका चौबे, पंडित भवानी शंकर भार्गव कृष्ण मुरारी तिवारी, ध्रुव नारायण गोयल, विवेक अग्रवाल, पंडित रामेश्वरम भार्गव, पुरुषोत्तम खण्डेलवाल, बसंत राव, राम बाबू, बंटी चौरसिया, आरडी शर्मा कैलाश नारायण ब्रह्म भट्ट, सागर भार्गव, शुभम भार्गव, पार्थ देव मुरारी, पंडित प्रभाकर भार्गव, सूरज प्रकाश अग्रवाल, बुंदेल सिंह यादव, पंडित राम कुमार तिवारी, राम कुमार चौबे, मनोज शर्मा उपस्थित रहे।

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