Action India

बीमारी देखकर नहीं आती, सांसद-विधायक भी लगाएं मास्क: सारंग

बीमारी देखकर नहीं आती, सांसद-विधायक भी लगाएं मास्क: सारंग
X

भोपाल। एक्शन इंडिया न्यूज़

प्रदेश में कोरोना के मामले एक बार फिर बढ़ने लगे हैं, लेकिन राजनीतिक समागमों में न मास्क का ध्यान रखा जा रहा है, न सोशल डिस्टेंसिंग का। यहां तक कि मंगलवार को विधानसभा सत्र के दौरान भी कई विधायक बिना मास्क के दिखाई दिए। इस पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा है कि बीमारी देखकर नहीं आती, सांसद-विधायक और जनप्रतिनिधि सभी को मास्क लगाना चाहिए।

मध्यप्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने बुधवार को कहा है कि बीमारी आम और खास को देखकर नहीं आती है। विधायक, सांसद या मंत्री या किसी भी वर्ग के लोग हों उन सभी को मास्क लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मास्क लगाना हमारे और हमारे परिवार की सुरक्षा के लिए है। मैं सभी से निवेदन करूंगा कि सभी अनिवार्य रूप से मॉस्क लगाएं। खास कर जहां भीड़ है या जब हम सार्वजनिक स्थान पर हों। सारंग ने कहा कि कोरोना से पीड़ितों की संख्या बढ़ रही है, यह चिंता का विषय है। संक्रमण को रोकने के लिए जिला क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी की बैठक हुई है। जिसमें स्थिति के अनुसार कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना गया नहीं है, उसकी गति मध्यम हुई थी। मध्यप्रदेश सरकार ने मरीजों के इलाज के लिए समुचित व्यवस्था की है। महाराष्ट्र की सीमा से सटे जिलों में थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। मॉस्क और सोशल डिस्टेसिंग के लिए जनजागरण अभियान भी चला रहे हैं।

कांग्रेस द्वारा की जा रही कोरोना महामारी पर खर्च के संबंध में श्वेत पत्र की मांग को लेकर चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने कहा कि कांग्रेस किस मुंह से श्वेत पत्र लाने की बात कर रही है। जब प्रदेश में कमलनाथ सरकार थी, उस दौरान कोरोना वायरस आ चुका था। कांग्रेस सरकार उस समय जैकलिन के ऊपर करोड़ों रुपए खर्च करने की तैयारी में थी। हमारी सरकार ने तो लोगों को कोरोना से बचाने का काम किया है। मंत्री ने कहा कि कांग्रेस के दौरान 35 टेस्ट प्रदेश में हुआ करते थे, जो कि अब 35 हजार हो रहे हैं।

Next Story
Share it