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मध्य प्रदेश

उज्जैन: करीब दो साल बाद आज परम्परागत मार्ग से निकलेगी बाबा महाकाल की सवारी

उज्जैन: करीब दो साल बाद आज परम्परागत मार्ग से निकलेगी बाबा महाकाल की सवारी
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उज्जैन। एक्शन इंडिया न्यूज़


कोविड-19 के प्रतिबंध लागू होने से पूर्व बाबा महाकाल नगर भ्रमण के लिए जिस मार्ग से मंदिर से शिप्रा तट तक और शिप्रा तट से मंदिर तक आते-जाते थे, करीब दो साल बाद आज उसी मार्ग से उनकी सवारी निकलेगी। जिला प्रशासन द्वारा पूर्व के परंपरागत मार्ग से सवारी निकालने की घोषणा के बाद अंचल तक खुशी का माहौल है। उम्मीद है कि एक लाख से अधिक श्रद्धालु सवारी मार्ग और शिप्रा नदी के दोनों तटों पर बाबा की अगवानी के लिए मौजूद रहेंगे।

बाबा महाकाल की कार्तिक-अगहन मास की तीसरी सवारी आज सोमवार को धूमधाम से निकाली जाएगी। महाकालेश्वर मंदिर के कोटि तीर्थ परिसर स्थित सभा मंडप में अपरांह तीन बजे बाबा महाकाल का पूजन होगा और आरती के पश्चात चांदी की पालकी में सवार होकर भगवान महाकाल नगर भ्रमण पर निकलेंगे। शाम चार बजे भगवान महाकाल की पालकी को मुख्य द्वार पर लाया जाएगा, जहां मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल द्वारा बाबा को सलामी दी जाएगी। बाबा नगर भ्रमण पर अपनी प्रजा का हाल जानेंगे।

मंदिर प्रशासक गणेश धाकड़ के अनुसार, कोविड-19 के प्रतिबंध लागू होने और लॉकडाउन लगने से पूर्व तक वर्षों से जिस परंपरागत मार्ग से बाबा की सवारी निकलती थी। अब प्रदेश सरकार ने कोरोना से जुड़े सभी प्रतिबंध समाप्त कर दिये हैं। इसीलिए जिला प्रशासन द्वारा परम्परागत मार्ग से बाबा की सवारी निकालने का निर्णय लिया है। इससे अंचलों तक उत्साह का माहौल है। यह करीब एक लाख श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है।


  • यह रहेगा परंपरागत सवारी मार्ग

सवारी मंदिर से कोट मौहल्ला चौराहा होकर गुदरी तिराहा आएगी। यहां से कहारवाड़ी होकर शिप्रा तट के रामघाट पहुंचेगी। रामघाट पर पूजन, अभिषेक पश्चात सवारी रामानुज कोट, गणगौर दरवाजा, मौढ़ की धर्मशाला के समीप से कार्तिक चौक, खाती का मंदिर,सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड़, टंकी चौराहा होकर छत्रीचौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार, गुदरी होकर मंदिर पहुंचेगी। इस बार तोपची भी बाबा के आगमन की सूचना देंगे।

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