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उज्जैन: सजावटी फूलों की बिक्री से खिले रोजनदारों के चेहरे * घर सजकर तैयार हैं वंदनवार और झूमरों से

उज्जैन: सजावटी फूलों की बिक्री से खिले रोजनदारों के चेहरे  * घर सजकर तैयार हैं वंदनवार और झूमरों से
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उज्जैन। एक्शन इंडिया न्यूज़


इस बार दीपावली पर्व नए उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। महंगाई का असर शोक पर है लेकिन महालक्ष्मी के स्वागत में शहरवासी कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। घरों के बाहर लगे वंदनवार, झूमर, नकली फूलों की कतारें बता रही है कि सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। अब इंतजार है दीपावली को शुभ मुहूर्त का, जब महालक्ष्मी का वे सपरिवार स्वागत करें।

जानकारी के अनुसार उज्जैन के शहीद पार्क और छत्रीचौक,गोपाल मंदिर क्षेत्र में सजावटी फूलों से लेकर घर के डेकोरेशन के लिए लगनेवाली सामग्री की दुकानें सजी हुई है। इस बार दुकानदार अहमदाबाद, इंदौर, दिल्ली से माल लेकर आए हैं। नई वेरायटियां भी बाजार में लोगों को आकर्षित कर रही हैं। आयटम सभी प्रकार के हैं।

छत्रीचौक पर हिस संवाददाता से चर्चा में राजेश सोलंकी बताते हैं कि ये आयटम ऐसे हैं, जो ड्राइंग रूम को वर्षभर सजाए रखते हैं। बड़े परिवार के लोग भी जमकर खरीदी कर रहे हैं। चेहरे पर मुस्कान लिए कविता चोरसिया बताती है-भैया, इस बार दीपावली का त्यौहार लग रहा है कि आ गया......लोगों में उत्साह है और हमारा व्यवसाय भी ठीक चल रहा है। भगवान करे कोरोना अब नहीं आए, ताकि हम भी पैर पर खड़े हो सकें, जबकि आरती भावसार के अनुसार 5 से 10 प्रतिशत तक कमिशन पर माल मिला है इंदौर से। हमारे पास पूंजी थी नहीं,लेकिन इस बार बाजार का उठाव ऐसा है कि माल बीच-बीच में मंगवाना पड़ा। इस बार हमारी दीपावली भी रोशन है।

  • गिफ्ट आर्टिकल में उठाव कम

दीपावली को सामान्य तौर पर उपहार देने की परंपरा भी है, लेकिन इस बार बाजार में गिफ्ट आर्टिकल्स के प्रति लोगों का रूझान कम है। व्यवसायी अशोक जैन बताते हैं कि 50 रूपये से लेकर 5 हजार रूपये तक के आयटम है। इस बार नया माल अधिक नहीं खरीदा। पुराना माल ही इतना था। दो साल बाद बाजार में उठाव आया, लेकिन खरीदी करनेवाले केवल आकर देख रहे हैं। 20 प्रतिशत भी माल नहीं उठा है। लोग इस बार खर्च सोच समझकर कर रहे हैं, जहां जरूरी नहीं है,वहां बच रहे हैं।

  • सूखे मेवे के पैकेट्स में उठाव

उपहार के रूप में लोगों ने इस बार सूखे मेवे के पैकेट्स जोकि थालीनुमा टोकरी में सजकर,पैक होकर बिक रहे हैं,का काफी उठाव है। बाजार मेें 200 से 1000 रूपये तक के ऐसे उपहार हैं। हालांकि लोग गुणवत्ता को लेकर शंका करते हैं, लेकिन किसी आर्टिकल को खरीदकर उपहार देने की बजाय इनकी बिक्री अधिक हो रही है। व्यवसायी अनिस अली बताते हैं कि इतना उठाव रहेगा, हमें भी नहीं पता था। लिमिटेड माल ही पैक करवाया था। धन तेरस को फिर से पैकिंग का काम शुरू करवाया है। अमूमन 200 से 500 तक के पैकेट्स ही बिक रहे हैं। काजू,बादाम,किशमिश,पिस्ता ही मुख्य रूप से पैकिंग में पसंद किया जा रहा है।

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