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महाराष्ट्र सरकार का रवैया महिला सुरक्षा विरोधी : चंद्रमुखी देवी

महाराष्ट्र सरकार का रवैया महिला सुरक्षा विरोधी : चंद्रमुखी देवी
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मुंबई। एक्शन इंडिया न्यूज़


साकीनाका दुष्कर्म प्रकरण के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य चंद्रमुखी देवी ने महाराष्ट्र सरकार पर आरोप लगाया है कि उसका रवैया महिलाओं की सुरक्षा की विरोधी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पिछले दो वर्षों से राज्य महिला आयोग का गठन तक नहीं कर सकी है। साथ ही मुंबई पुलिस आयुक्त का बयान कि हर समय सड़कों पर पुलिस मौजूद नहीं रह सकती, निंदनीय है।

चंद्रमुखी देवी के नेतृत्व में राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम ने रविवार को मुंबई के साकीनाका इलाके में घटनास्थल का दौरा किया। आयोग की टीम ने इसके बाद राजावाड़ी अस्पताल जाकर डॉक्टरों से मुलाकात की। घटना के बाद पीड़ित महिला को राजावाड़ी अस्पताल में ही भर्ती कराया गया था, जहां उसने जीवन और मौत से करीब 33 घंटे के संघर्ष के बाद शनिवार दोपहर को दम तोड़ दिया था।

चंद्रमुखी देवी ने पत्रकारों से कहा कि राज्य में महाविकास आघाड़ी सरकार अपने सहयोगी साथियों से ही परेशान है। इसी वजह से सरकार का ध्यान महिला सुरक्षा की ओर नहीं जा रहा है। यही वजह है कि राज्य सरकार पिछले दो वर्षों से राज्य महिला आयोग का गठन नहीं कर सकी है। अगर राज्य महिला आयोग का गठन हुआ रहता तो वे उससे ही बात करते। चंद्रमुखी देवी ने कहा कि इस मामले में मुंबई पुलिस आयुक्त का बयान भी दुखदायक और निंदनीय है। मुंबई पुलिस आयुक्त कहते हैं कि हर जगह पुलिस उपस्थित नहीं रह सकती। चलिए इसे सही मान लेते हैं, लेकिन अपराधियों को पुलिस का खौफ, पुलिस का डर तो हर जगह चाहिए, जो महाराष्ट्र में नहीं है। चंद्रमुखी देवी ने कहा कि इसी वजह से सड़क पर चलने वाली महिलाएं यहां सुरक्षित नहीं हैं।

उल्लेखनीय है कि साकीनाका में खैरानी रोड पर गुरुवार रात को महिला के साथ दुष्कर्म के बाद आरोपितों ने उसके साथ अत्याचार किया और उसे सड़क पर छोड़कर फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ठीक 10 मिनट बाद घटनास्थल पर पहुंची और उसको तत्काल राजावाड़ी अस्पताल में भर्ती करवाया, लेकिन शनिवार दोपहर को अस्पताल में ही महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना में पुलिस ने एक आरोपित मोहन चौहान को गिरफ्तार किया है।

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शनिवार को वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक बुलाई थी। मुख्यमंत्री ने इस मामले की जांच एसआईटी के मार्फत कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामला चलाए जाने का आदेश जारी किया है। साथ ही महिला सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम करने का निर्देश दिया है।

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