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प्रदेश की राजनीति में अलवर जिले का बढ़ा कद

प्रदेश की राजनीति में अलवर जिले का बढ़ा कद
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अलवर। एक्शन इंडिया न्यूज़


मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नए मंत्रिमंडल में अलवर जिले से टीकाराम जूली एवं शकुंतला रावत को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। यह दोनों ही अलवर जिले के रहने वाले हैं। ऐसे में प्रदेश की राजनीति में अलवर जिले का मान बढ़ा है। साथ ही अलवर जिले के विकास की प्रबल सम्भावनाएं बन गई है। जूली दलित समाज से तो रावत गुर्जर समाज से आती है। दोनों की ही जिले में एक अलग पहचान है। दोनों ही पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के करीबी है। माना जा रहा है मुख्यमंत्री ने दोनों कैबिनेट मंत्री अलवर से बनाकर जिले की राजनीति में सत्ता सन्तुलन का प्रयास किया है। टीकाराम जूली अलवर ग्रामीण विधानसभा से और लोकसभा क्षेत्र अलवर लगता है जबकि शकुंतला रावत बानसूर विधानसभा है लेकिन उनका लोकसभा क्षेत्र जयपुर ग्रामीण में आता है। दो मंत्री अलवर से बनने पर कार्यकर्ताओं व समर्थकों में खुशी का माहौल है।


  • जिला प्रमुख से कैबिनेट मंत्री तक का जूली का सफर

गहलोत मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बनाए गए टीकाराम जूली का राजनीतिक सफर जिला प्रमुख बनने से शुरू हुआ था। बहरोड़ के काठूवास गांव के रहने वाले जूली 2005 में पहली बार अलवर जिले के जिला प्रमुख बने। 2008 में उन्होंने जिला प्रमुख पद से इस्तीफा देकर अलवर ग्रामीण विधानसभा से चुनाव लड़ा और विधायक बन गए। 2013 में विधानसभा चुनाव हार गए थे। इसके बाद 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में जूली दूसरी बार विधायक बने और श्रम राज्य मंत्री बनाए गए। टीकाराम जूली वर्तमान में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष भी है।

  • जिला परिषद सदस्य से रावत का मंत्री तक का सफर

बानसूर विधायक शकुंतला रावत 1995 से कांग्रेस में है। उनका बानसूर के गांव मोहम्मदपुर गुर्जर में ससुराल है। रावत दो बार जिला परिषद सदस्य भी रही है। वह महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष रही हैं। साथ ही प्रदेश महिला कांग्रेस कमेटी में उपाध्यक्ष, प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष और राष्ट्रीय महिला कांग्रेस में महासचिव रही है। रावत प्रदेश कांग्रेस कमेटी में भी सदस्य रही हैं। जिले के बानसूर से लगातार दो बार विधायक चुनी गई।

  • लोकदेवता भर्तहरि बाबा के लगे जयकारें

जब दोनों मंत्री अपने पद की शपथ ले रहे थे उस दौरान भी अलवर जिले के लोकदेवता भर्तहरि बाबा के जयकारें समर्थकों द्वारा लगाए गए। राजभवन भर्तहरि बाबा के जयकारों से गूंज उठा। दरसअल अलवर जिले में हर खुशी के मौके पर भर्तहरि बाबा के जयकारों से ही शुरुआत होती है।

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