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किसानों के हित में थे कृषि कानून : दिलीप घोष

किसानों के हित में थे कृषि कानून : दिलीप घोष
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कोलकाता। एक्शन इंडिया न्यूज़

कृषि कानूनों को रद्द करने की घोषणा के एक दिन बाद भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष ने एक बार फिर दोहराया है कि तीनों कानून किसानों के हित में थे। शनिवार को न्यू टाउन इको पार्क में मॉर्निंग वॉक करने पहुंचे दिलीप घोष ने कहा कि केंद्र सरकार ने तीनों कृषि कानून किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए बनाया था। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी तरह से टकराव नहीं चाहती थी। किसानों को समझाने में सफलता नहीं मिली इसलिए कानून निरस्त करने की घोषणा की गई है। जिस दिन किसान समझ जाएंगे उस दिन फिर तीनों कृषि कानून लाए जाएंगे।

पंजाब और उत्तर प्रदेश चुनाव को ध्यान में रखते हुए कृषि कानूनों को निरस्त करने संबंधी विपक्ष के आरोपों पर टिप्पणी करते हुए दिलीप घोष ने कहा कि चुनाव तो साल भर होते रहते हैं। ऐसे में अगर हमें इसका डर होता तो पहले ही कृषि कानून को वापस ले लिए होते। उन्होंने कहा कि जब बंगाल में चुनाव हो रहा था तब भी कृषि कानून लागू थे।तृणमूल कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए दिलीप घोष ने कहा कि वे त्रिपुरा में जीत का ख्वाब देख रहे हैं लेकिन उनका ख्वाब ख्वाब ही रह जाएगा।

- राज्य के परिवहन मंत्री फिरहाद हकीम के त्रिपुरा सफर के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अगर तृणमूल कहे तो वह खुद फिरहाद के लिए त्रिपुरा में होटल बुक कर देंगे। उनके दौरे से ना तो त्रिपुरा सरकार की सेहत पर कोई फर्क पड़ेगा और ना ही भारतीय जनता पार्टी की स्थिति पर।

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