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बाहर फंसे हजारों हिमाचलियों की होगी घर वापसी

शिमला । एएनएन (Action News Network)

लॉकडाउन में प्रदेश से बाहर फंसे हजारों हिमाचलियों की घर वापसी होगी। अलग अलग राज्यों में फंसे हिमाचली नागरिकों के आग्रह पर सरकार इनकी घर वापसी सुनिश्चित करवाने के प्रयास में है। इसके लिए नोडल अधिकारियों ने राज्य सरकारों से संपर्क साधना शुरू किया है। पुलिस भी एक साथ हजारों लोगों के प्रवेश से आने वाली चुनौती से निपटने की तैयारी में है।

लॉकडाउन व कफ्र्यू की अनुपालना सुनिश्चित करवाने में करीब 18 हजार पुलिस जवानों को फील्ड में उतारने के बाद पुलिस प्रशासन सीआईडी, टीटीआर में तैनात जवानों को भी फील्ड में उतार सकती है। लॉकडाउन में पीएम मोदी के आह्वान जहां हैं वहीं रहें सुरक्षित रहें कि अनुपालना करोड़ों लोगों ने की। अनुपालना करने वालों में अलग अलग राज्यों में पढ़ाई कर रहे हिमाचली छात्रों, नौकरी पेशा लोगों के अलावा धार्मिक यात्राओं पर गए लोगों ने भी की। मगर अब लॉकडाउन -3 में केंद्र से रियायतें मिलने के बाद ये लोग भी घर वापस आने को आतुर हैं। लिहाजा इन्होंने राज्य सरकार से संपर्क साधा है।

सरकार लोगों के आग्रह पर घर वापसी सुनिश्चित करने में जुट गई है। बाहरी राज्यों में फंसे लोगों की सुविधा के लिए राज्य में स्थापित आपातकालीन संचालन केंद्रों के नोडल अधिकारियों ने विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को हिमाचल के लोगों के बारे में जानकारी सांझा की है तथा उन्हें वापस भेजने के लिए उचित योजना तैयार करने तथा विशेष बसों अथवा रेल सुविधा का उचित प्रबन्ध करने का आग्रह किया है।

प्रदेश सरकार ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि गुजरात में प्रदेश के 1257 , राजस्थान में 902 और दमन एवं दीव , दादरा नगर हवेली में 41 लोग फंसे हैं। पश्चिम बंगाल सरकार को वहां फंसे 650 लोगों की सूची देते हुए आग्रह किया गया है कि वहां से आने वाले लोगों की सूची हिमाचल सरकार को सौंपी जाए। अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के प्रशासन को अवगत करवाया गया है कि वहां फंसे प्रदेश के 22 लोगों ने घर वापसी के लिए आवेदन किया है।

इसी प्रकार सिक्किम सरकार को भी प्रदेश के उन 52 लोगों की जानकारी दी गई है, जो हिमाचल वापस आने के इच्छुक हैं।हरियाणा सरकार को बताया गया है कि हिमाचल प्रदेश के लगभग 3499 नागरिक हरियाणा राज्य में फंसे हैं और घर वापसी चाहते हैं, जिनके लिए उचित प्रबंध किए जाएं और यात्रा का व्यय राज्य सरकार वहन करेगी। उत्तर प्रदेश सरकार को जानकारी दी गई है कि वहां प्रदेश के 1996 पंजीकृत व्यक्ति हैं, जो वापस आने की इच्छा जता चुके हैं।

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