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धान खरीद केन्‍द्रों से अब भी 44 हजार क्विंटल धान का नहीं हो पाया है उठाव

धान खरीद केन्‍द्रों से अब भी 44 हजार क्विंटल धान का नहीं हो पाया है उठाव
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धमतरी । एएनएन (Action News Network)

समर्थन मूल्य में धान खरीद के चार माह बाद भी जिले के 84 केन्‍द्रों से धान का उठाव पूरा नहीं हो पाया है। धीमी गति से उठाव होने के कारण केन्‍द्रो में रखे गए धान को अभी भी खराब मौसम और बेमौसम बारिश से खतरा बना हुआ है। जिले में एक दिसंबर से समर्थन मूल्य पर धान की खरीद 84 केंद्रों में हुई। खराब मौसम और बेमौसम बारिश के चलते ढाई माह तक रुक-रुक कर खरीद शुरू हुई। जिले के 84 केंद्रों में 41 लाख क्विंटल से अधिक धान की खरीद की गई। हालांकि यह खरीद राज्य शासन से मिले लक्ष्य से थोड़ी कम है।

लेकिन पिछले वर्ष की खरीद से अधिक है। धान खरीद हुए करीब चार माह पूरे होने को हैं, लेकिन धान का उठाव अब तक पूरा नहीं हो पाया है। धान उठाव में लेटलतीफी होने का प्रमुख कारण विभाग स्पष्ट नहीं बता पा रहा है। वर्तमान में जिले के अधिकांश केंद्रों में 44 हजार क्विंटल धान पड़ा है। समय पर उठाव नहीं होने के कारण खराब मौसम और बेमौसम बारिश का खतरा धान पर मंडराने लगा है।

उल्लेखनीय है कि केंद्रों से धान का उठाव नहीं होने के अन्य कारणों के साथ ही साथ कोरोना वायरस के चलते जिले में लागू लॉकडाउन शुरू होने के बाद भी समितियों के कर्मचारी व पदाधिकारियों को धान की रखवाली करनी पड़ रही है। धान के उठाव नहीं होने के कारण दिक्कतें बढ़ गई है। वहीं तेज धूप पड़ने के कारण धान में सूखत आने की आशंका बनी हुई है।

समिति पदाधिकारियों की माने तो पहली बार ऐसा हुआ है, जब समर्थन मूल्य में धान खरीद के चार माह बाद भी धान संग्रहण केन्‍द्र में रखा हुआ है। इसका उठाव पूरा नहीं हो पाया है। उनका कहना है कि धान का उठाव जल्द किया जाए। इस संबंध में धमतरी डीएमओ केके देवांगन ने कहा कि धान खरीद केन्‍द्रो में रखे गए धान का उठाव किया जा रहा है। केद्रों में सिर्फ 44 हजार क्विंटल धान ही रह गया है। इसका शीघ्र उठाव किया जाएगा।

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