Top
Action India

पाक सेना प्रमुख बाजवा विवाद: SC ने इमरान सरकार से मांगा हलफनामा

पाक सेना प्रमुख बाजवा विवाद: SC ने इमरान सरकार से मांगा हलफनामा
X

नई दिल्ली।एएनएन (Action News Network)

पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट में सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के कार्यकाल विस्तार से जुड़े अहम मामले की सुनवाई जारी है। पाकिस्तान की शीर्ष अदालत ने गुरुवार को फैसला सुनाने से पहले सरकार से हलफनामा मांगा है।

आगे की सुनवाई शुरू होने से पहले सरकार को ये हलफनामे देने होंगे-

  • संसद को छह महीनों के भीतर इस संबंध में कानून बनाना होगा।
  • एक संशोधित अधिसूचना जारी करनी होगी।

संशोधन में इन निम्न चीजों को हटाया जाएगा-

  • सुप्रीम कोर्ट का जिक्र हटाया जाएगा।
  • सेना प्रमुख के कार्यकाल की अवधि
  • सेना प्रमुख के मिलने वाले वेतन और इंसेनटिव्स

क्या है मामला

प्रधानमंत्री इमरान खान ने 19 अगस्त को एक आधिकारिक अधिसूचना के जरिये जनरल बाजवा को तीन साल का कार्यकाल विस्तार दिया था। इसके पीछे उन्होंने क्षेत्रीय सुरक्षा माहौल का हवाला दिया था। बाजवा का मूल कार्यकाल 29 नवंबर को समाप्त होने वाला है और यदि सुप्रीम कोर्ट ने उससे पहले उनके पक्ष में फैसला दिया तो वह इस पद पर बने रह सकते हैं। लेकिन इस मामले में पाक शीर्ष न्यायालय का फैसला बाजवा को और तीन साल इस पद पर रहने से रोक भी सकता है।

पाक सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश आसिफ सईद खोसा की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की एक पीठ ने मंगलवार को कहा, ''अब भी वक्त है। सरकार को अपने कदम वापस लेने चाहिए और यह सोचना चाहिए कि वह क्या कर रही है। वह एक उच्च पदस्थ अधिकारी के साथ कुछ इस तरह की चीज नहीं कर सकती। न्यायालय ने अटार्नी जनरल (एजी) अनवर मंसूर खान से कहा, ''आपने सेना प्रमुख को एक शटलकॉक में तब्दील कर दिया है।"

एजी सरकार की ओर से दलील पेश कर रहे हैं। प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रपति को भेजा गया नया पत्र सेना प्रमुख की पुनर्नियुक्ति के लिये एक अनुरोध है। लेकिन राष्ट्रपति ने उनके कार्यकाल में विस्तार की अधिसूचना जारी की। न्यायालय ने कहा, ''सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह उन्हें (बाजवा को) फिर से नियुक्त करना चाहती है या नहीं।"

वहीं, खान ने इस गफलत की वजह कानून मंत्रालय द्वारा की गई लिपिकीय त्रुटि को जिम्मेदार ठहराया। प्रधान न्यायाधीश ने पूछा, ''आपने ऐसी त्रुटि कैसे की।" बहरहाल, न्ययालय ने मामले की कार्यवाही बृहस्पतिवार तक के लिये स्थगित कर दी। प्रधानमंत्री खान ने इस जटिल स्थिति से निकलने के लिये कैबिनेट की एक आपात बैठक की। जनरल बाजवा खुद चर्चा में शामिल हुए।

Next Story
Share it