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ऐतिहासिक पंचमुखी पनकी मंदिर में गद्दी के साथ करोड़ों की संपत्ति पर गहराता जा रहा विवाद

ऐतिहासिक पंचमुखी पनकी मंदिर में गद्दी के साथ करोड़ों की संपत्ति पर गहराता जा रहा विवाद
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  • बालक दास और कृष्ण दास दोनों गद्दी को लेकर हैं आमने-सामने

  • बाबा रमाकांत के ब्रह्मलीन होने के बाद करोड़ों की संपत्ति को लेकर भी विवाद

कानपुर । एएनएन (Action News Network)

जनपद व आस-पास के इलाकों के लोगों के लिए आस्था का केन्द्र बने ऐतिहासिक पंचमुखी पनकी हुनमान मंदिर में अब गद्दी को लेकर विवाद गहराता ही जा रहा है। यहां के दो महंत बाबा बालक दास और कृष्णदास अपने को उत्तराधिकारी मान रहे हैं और एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं। मामला आलाधिकारियों तक भी पहुंच गया है और इसी को देखते हुए दोनों तरफ से करीब 40 लोगों पर कार्रवाई करते हुए पाबंद कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि गद्दी के साथ ही बड़े महंत बाबा रमाकांत के ब्रह्मलीन होने के बाद करीब 14 करोड़ की संपत्ति को लेकर भी विवाद है।
मई माह कानपुर नगर प्रमुख मंदिर ऐतिहासिक पंचमुखी हनुमान मंदिर पनकी के लिए अच्छा नहीं रहा।

मंदिर के प्रमुख महंत रमाकांत लॉकडाउन के दौरान नौ मई को ब्रह्मलीन हो गये और उनके ब्रह्मलीन होते ही गद्दी को लेकर विवाद उठने लगा, क्योंकि वह किसी को अपना उत्ताराधिकारी नामित नहीं कर गये थे। ऐसे में जो भी उनकी सेवादारी में लगे रहे वह गद्दी के उत्तराधिकारी अपने को समझने लगे। इसमें बाबा बालक दास और कृष्ण दास आमने-सामने हैं और दोनों अपने को बाबा रमाकांत का उत्तराधिकारी समझते हैं। सूत्रों का कहना है कि गद्दी के साथ करीब 14 करोड़ रुपये की संपत्ति का भी मामला है और इसी के चलते विवाद गहराता जा रहा है।

दोनों एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं और इन्ही सबके चलते प्रशासन भी हस्तक्षेप करने से बचता नजर आया, क्योंकि पनकी मंदिर लोगों का आस्था का केन्द्र बिन्दु है। इसी बीच दो दिन पहले मंदिर के पुजारी महंत बालक दास ने दिवंगत महंत के कमरे का ताला तोड़कर कब्जा कर लिया। दूसरे महंत कृष्ण दास को इसकी जानकारी होने पर तुरंत विरोध किया। मगर बालक दास ने न तो कमरे से कब्जा छोड़ा और न ही उसे बंद किया। दोनों गुटों के बीच गद्दी को लेकर ऐसे में विवाद और गहराता ही जा रहा है। इस पर मजबूरन पुलिस को 107/16 की कार्रवाई भी करनी पड़ी। इसके साथ ही मामला आलाधिकारियों तक पहुंच गया है। बाबा कृष्ण दास भी चाहते हैं कि प्रशासन हस्तक्षेप करे और मामले को सुलझाया जा सके।

पनकी एसओ शैलेंद्र कुमार ने बताया कि मामले में महंत कृष्णदास, महंत जितेंद्र दास, महंत बालक दास, महंत सुरेश दास, महंत जनार्दन दास समेत 40 लोगों को पाबंद की कार्रवाई की गई है। पहला पक्ष कृष्णदास, शिवम शुक्ला, जनार्दन दास, शैलेंद्र शुक्ला उर्फ शैलू, मुन्ना उर्फ रमाकांत, रमाकांत मिश्रा, दिनेश बाजपेई, राजन शुक्ला, हिमांशु गुप्ता, शुभम गुप्ता, गोरेलाल, उमाशंकर पांडेय, दशरथ शुक्ला, रोहित उर्फ सीताराम, सूरज सिंह, शिवम अवस्थी, बाबुल त्रिवेदी, शिवम सविता, कुलदीप तिवारी, अयोध्या प्रसाद पांडेय। दूसरा पक्ष महंत जितेंद्र दास, सुरेश शुक्ला, पंकज शुक्ला, राजू शुक्ला, बालकिशन, ओमप्रकाश, छोटेलाल, विक्रांत पांडेय, उमेश सविता, अमित पांडेय, सुमित पांडेय, अंकित पांडेय, दीपक, छबीलेदास, प्रेम सविता, सुक्रांत पांडेय, रामदास, माधवदास, हरिदास, पुष्पांक पांडेय हैं।

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