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पंजाब

डेरा सच्चा सौदा ने प्रतिबंध तोड़ा, जुटाई लाखों लोग

डेरा सच्चा सौदा ने प्रतिबंध तोड़ा, जुटाई लाखों लोग
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  • भाजपा, कांग्रेस के कई नेता पहुंचे, वीडियो वायरल, बठिंडा जिला प्रशासन ने नोटिस भेजा

चंडीगढ़। एक्शन इंडिया न्यूज़


पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले डेरा सच्चा सौदा एक बार फिर विवादों में आ गया है। पाबंदी के बावजूद डेरा प्रबंधकों पर लाखों लोगों की भीड़ जुटाने का आरोप है। जिला उपायुक्त ने कार्यक्रम बिना मंजूरी के किए जाने का दावा किया है। डेरा प्रबंधकों ने दावा किया है कि प्रशासन की मंजूरी थी। इस कार्यक्रम में भाजपा और कांग्रेस के कई नेता शामिल हुए हैं।

पंजाब की राजनीति में डेरों की भूमिका शुरू से रही है। इनमें डेरा सच्चा सौदा हर चुनाव में राजनीतिक दलों को समर्थन का ऐलान करता है। डेरा सच्चा सौदा प्रबंधकों द्वारा बीती 9 जनवरी को संस्थापक शाह सतनाम के जन्म दिवस के अवसर पर बठिंडा जिला के रामपुराफूल हलके के डेरा सलाबतपुरा में कार्यक्रम का आयोजन किया। बताया जाता है कि इस कार्यक्रम में करीब डेढ़ लाख लोग जुटे और हजारों लोग डेरे के बाहर मौजूद रहे। इस कार्यक्रम में कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे साधु सिंह धर्मसोत, पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता सुरजीत कुमार ज्याणी, भाजपा नेता हरजीत ग्रेवाल समेत कई नेता शामिल हुए।

इस कार्यक्रम में जुटी भीड़ का वीडियो वायरल होने के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी ने रामपुरा फूल के एसडीएम से रिपोर्ट तलब कर ली है। डेरा सलाबतपुरा वही स्थान है जहां डेरा मुखी गुरमीत राम रहीम ने कुछ साल विवादित पोशाक पहनकर सत्संग किया था। बठिंडा के जिला उपायुक्त अरविंदर पाल सिंह सिद्धू के अनुसार डेरा प्रबंधकों ने लाखों की संख्या में भीड़ एकत्र की है। उनके पास किसी तरह की मंजूरी नहीं थी। इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले भाजपा नेता हरजीत ग्रेवाल तथा सुरजीत कुमार ज्याणी ने तो डेरा मुखी को बेकसूर करार देते हुए डेरा प्रबंधकों की प्रशंसा की। इसी दौरान यह विवाद गरमाने के बाद डेरा सलाबतपुरा के प्रबंधक हरचरण सिंह इंसा ने कहा कि यह कार्यक्रम हर साल किया जाता है। इसमें लाखों श्रद्धालु आते हैं। उन्होंने दावा किया कि कार्यक्रम को लेकर संबंधित पुलिस को पहले ही सूचित कर दिया गया था।

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