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सामूहिक भोज के प्रतिबंध से पत्तल, प्लेट व दोना कारोबारियों का व्यवसाय ठप

सामूहिक भोज के प्रतिबंध से पत्तल, प्लेट व दोना कारोबारियों का व्यवसाय ठप
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गाजीपुर । एएनएन (Action News Network)

वैश्विक महामारी कोरोना के चलते पूरे देश में लगे लॉकडाउन से जहां सभी व्यवसायों पर थोड़ा बहुत असर पड़ा है। वहीं पत्तल प्लेट दोना इत्यादि के व्यवसाय पर काफी प्रभाव पड़ा है। गौरतलब हो कि इन उत्पादों की सबसे अधिक बिक्री शादी विवाह के दौरान भोज आयोजन के निमित्त ही किया जाता है। लेकिन इस वर्ष लाक डाउन में मांगलिक कार्यक्रमों के लगभग बंद हो जाने से इन वस्तुओं का व्यवसाय करने वाले व्यवसायियों पर खासा असर पड़ा है। व्यवसायियों का कहना है कि अब सरकार द्वारा नियम बनाकर अलग-अलग समय अनुसार बाजार खोल दिए गए हैं वहीं प्राथमिकता के आधार पर उद्योग भी चालू कर दिए गए हैं।

लेकिन कागज से बने इन उत्पादों की खपत सबसे अधिक सामूहिक भोज में ही होते रहे हैं, अब ऐसे में सामूहिक भोज पर प्रतिबंध से बाजारों के खुलने या उद्योग के चलने से इन व्यवसायियों को कोई राहत नहीं प्राप्त हो सकेगी। सरकार द्वारा प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगा दिए जाने के बाद इस व्यवसाय क्षेत्र में काफी उत्साह के साथ लोगों ने मन लगाया था। ग्रामीण स्तर पर कागज की प्लेट थाली कटोरी बनाने वाली मशीनों को युवाओं ने लगाया था। वही बड़े व्यवसायियों ने भी अपने स्तर से पूरी तैयारी कर रखी थी। लेकिन देश में लगे तालाबंदी ने इससे जुड़े व्यवसायियों को काफी नुकसान पहुंचाया है।

इस संबंध में जनपद के प्रमुख जंगीपुर मंडी के प्रतिष्ठित व्यवसायी रमेश कुमार ने बताया कि इस वर्ष गर्मी में वैवाहिक सीजन (शुभलग्न) अच्छी होने के चलते काफी उत्साह के साथ तैयारी कर ली गई थी। इसके साथ ही सरकार द्वारा प्लास्टिक की गिलास व पत्तल पर प्रतिबंध लगा दिए जाने के बाद से काफी उत्साह के साथ कागज के थाली व गिलास से जुड़े व्यवसायियों ने माल इकट्ठा कर लिया था। लेकिन लाक डाउन में सामूहिक भोज पर लगे प्रतिबंध के चलते काफी नुकसान का सामना उठाना पड़ रहा है। इन उत्पादों की कारखाना संचालित करने वाले आशीष कुमार ने बताया कि सरकार द्वारा प्लास्टिक पर प्रतिबंध के बाद कागज से थाली, गिलास, कटोरी बनाने वाली मशीन खरीद कर कारखाना स्थापित किया गया। लेकिन देश में लगे तालाबंदी के चलते कारखाना पर ताला लग गया। स्थिति यह हो गई कि घर की पूंजी के साथ ही बैंक से कर्ज लेकर खोले गए इस व्यवसाय में काफी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।

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