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पश्चिम रेलवे की मालगाड़ियों से 10.18 मिलियन टन अत्यावश्यक सामग्री का परिवहन

पश्चिम रेलवे की मालगाड़ियों से 10.18 मिलियन टन अत्यावश्यक सामग्री का परिवहन
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मुंबई । एएनएन (Action News Network)

22 मार्च, 2020 से पूर्ण रूप से लॉकडाउन होने के बावजूद, पश्चिम रेलवे ने 29 मई, 2020 तक मालगाड़ियों के 4966 रेक लोड करके बेहद सराहनीय काम किया है, जिसमें पीओएल के 562, फर्टिलाइजर के 677, साॅल्ट के 278, फूडग्रेन के 25 कोयले के 154, कंटेनर के 2813, जनरल गुड्स के 25 और सीमेंट के 186 रेकों सहित विभिन्न अत्यावश्यक सामग्री शामिल रही। ये मालगाड़ियां नॉर्थ ईस्ट क्षेत्र सहित देश के विभिन्न राज्यों में 10.18 मिलियन टन अत्यावश्यक वस्तुओं के परिवहन के लिए चलाई गईं। मिलेनियम पार्सल वैन और मिल्क टैंक वैगनों के 292 रेकों के जरिए आवश्यक वस्तुओं जैसे दवा, चिकित्सा किट, जमे हुए भोजन, दूध पाउडर और तरल दूध का परिवहन उत्तरी और उत्तर पूर्व क्षेत्र में किया गया।

कुल 9773 फ्रेट ट्रेनों को अन्य रेलवे के साथ इंटरचेंज किया गया, जिनमें 4914 ट्रेनों को सौंपा गया और 4859 ट्रेनों को पश्चिम रेलवे के विभिन्न इंटरचेंज पॉइंट्स पर ले जाया गया।पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी रविन्द्र भाकर ने बताया कि 23 मार्च से 29 मई, 2020 तक, पश्चिम रेलवे द्वारा लगभग 291 पार्सल विशेष गाड़ियों के माध्यम से 45,500 टन वजन वाली वस्तुओं का परिवहन किया गया है, जिनमें कृषि उत्पाद दवाएं, मछली, दूध आदि मुख्य रूप से शामिल हैं। इस परिवहन के माध्यम से होने वाली कमाई लगभग 14.24 करोड़ रुपये रही। इस परिवहन के तहत, पश्चिम रेलवे द्वारा पैंतीस मिल्क स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं, जिनमें लगभग 26 हजार टन का भार था और वैगनों के 100% उपयोग से लगभग 4.44 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।

इसी तरह, 252 कोविड -19 पार्सल विशेष रेलगाड़ियां भी आवश्यक वस्तुओं के परिवहन के लिए चलाई गईं, जिनके लिए अर्जित राजस्व लगभग 9.03 करोड़ रुपये रहा। इनके अलावा, लगभग 78 लाख रु. की आय के लिए 100% उपयोग के साथ 4 इंडेंटेड रेक भी चलाए गए। भाकर ने बताया कि पश्चिम रेलवे से 29 मार्च, 2020 को दो पार्सल विशेष ट्रेनें चलाई गईं, जिनमें एक पोरबंदर से शालीमार और दूसरी बांद्रा टर्मिनस से लुधियाना के लिए रवाना हुईं। उन्होंने बताया कि मार्च, 2020 के बाद से उपनगरीय और गैर-उपनगरीय खंडों सहित सम्पूर्ण पश्चिम रेलवे की कमाई का लॉकडाउन के कारण कुल नुकसान 1091.34 करोड़ रुपये रहा है।

इसके बावजूद, अब तक टिकटों के निरस्तीकरण के परिणामस्वरूप, पश्चिम रेलवे ने 291.42 करोड़ रुपये की रिफंड राशि वापस करना सुनिश्चित किया है। गौरतलब है कि इस रिफंड राशि में, अकेले मुंबई डिवीजन ने 138.58 करोड़ रुपये का रिफंड सुनिश्चित किया है। अब तक, पूरे पश्चिम रेलवे पर 44.64 लाख यात्रियों ने अपने टिकट रद्द कर दिए हैं और तदनुसार अपनी धन वापसी की राशि प्राप्त कर चुके हैं।

पश्चिम रेलवे पर श्रमिक विशेष ट्रेनें

पश्चिम रेलवे ने 2.5.2020 से 29.5.2020 तक 1183 श्रमिक विशेष ट्रेनों का परिचालन किया है, जिन्होंने 17,74,643 यात्रियों को उनके इच्छित गंतव्यों तक पहुंचाया है। इन 1183 ट्रेनों में से, मुंबई डिवीजन ने सबसे अधिक 684 ट्रेनें, अहमदाबाद डिवीजन ने 250, वडोदरा डिवीजन ने 99, भावनगर डिवीजन ने 29, राजकोट डिवीजन ने 116 और रतलाम डिवीजन ने 5 श्रमिक ट्रेनें संचालित की हैं। 29 मई, 2020 को पश्चिम रेलवे ने 21 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाईं, जिनमें से गुजरात से 13 और महाराष्ट्र से 8 ट्रेनें चलीं। इन श्रमिक विशेष ट्रेनों में बिहार (5), यूपी (6), उड़ीसा (4), पश्चिम बंगाल (5) और आंध्र प्रदेश के लिए एक ट्रेन चली। श्रमिक विशेष ट्रेनें जो 29 मई, 2020 को पश्चिम रेलवे के मुंबई उपनगरीय खंड के विभिन्न स्टेशनों से रवाना हुईं, उनमें बोरीवली से 7 और बांद्रा टर्मिनस से 1 ट्रेन चलाई गईं।

मिशन फूड डिस्ट्रिब्यूशन

आईआरसीटीसी के साथ समन्वय में पश्चिम रेलवे जरूरतमंदों और गरीबों को मुफ्त भोजन देकर उनका विशेष ध्यान रख रही है। कई गैर सरकारी संगठनों और ट्रस्टों ने भी पश्चिम रेलवे के क्षेत्राधिकार में जरूरतमंदों की मदद करने के लिए अपनी मदद प्रदान की है। कोरोना वायरस के कारण लोगों को वित्तीय और अन्य संसाधनों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे कठिन हालात में आईआरसीटीसी ने मुंबई सेंट्रल और अहमदाबाद स्टेशनों के बेस किचन में तैयार भोजन पैकेट गरीबों और जरूरतमंदों के लिए बड़ी संख्या में प्रदान किये गये।

भाकर ने कहा कि 29 मई, 2020 तक लगभग 6 लाख लोगों को मुफ्त भोजन उपलब्ध कराया गया है। पश्चिम रेलवे के वाणिज्यिक विभाग, RPF, IRCTC, खानपान ठेकेदारों, धर्मार्थ ट्रस्टों और गैर सरकारी संगठनों द्वारा पश्चिम रेलवे के सभी छह मंडलों में भोजन वितरित किया जा रहा है। 30 मई, 2020 को पश्चिम रेलवे पर लंच और डिनर की व्यवस्था सहित लगभग 730 भोजन पैकेट वितरित किए गए। वेस्टर्न रेलवे के विभिन्न स्टेशनों से प्रस्थान करने वाली श्रमिक विशेष ट्रेनों के यात्रियों को भी खाद्य पैकेट और पैकेज्ड पेयजल की बोतलें वितरित की जा रही हैं।

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