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भोजपुर में 1186 बूथों पर 12800 कार्यकर्ताओं ने सुनी पीएम मोदी के मन की बात

भोजपुर में  1186 बूथों पर 12800 कार्यकर्ताओं ने सुनी पीएम मोदी के मन की बात
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आरा । एएनएन (Action News Network)

भारतीय जनता पार्टी के हजारों कार्यकर्ताओं ने भोजपुर में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात को सुनी। पहली बार बड़ी संख्या में भाजपा नेताओं ने जिलाध्यक्ष डॉ. प्रेम रंजन चातुर्वेदी के नेतृत्व में सप्तर्षि के साथ पीएम मोदी के ' मन की बात' सुनी। जिले के 256 शक्ति केंद्रों से जुड़े 1186 मतदान केंद्रों पर 12,800 भाजपा कार्यकर्ता सुनने वालों में शामिल थे । भाजपा के जिला प्रवक्ता मनीष प्रभात ने इस बात की जानकारी देते हुए बताया कि रविवार को पीएम मोदी की यह 65 वीं ' मन की बात ' हुई जिसमें उन्होंने कहा कि कोरोना को लेकर अब और अधिक सावधानी बरतने का समय आ गया है।

उन्होंने देश के लोगों को याद दिलाया कि जब लॉक डाउन किया गया तो बसें, ट्रेनें ,हवाई जहाज और सभी प्रकार के वाहनों को बन्द किया गया था लेकिन अब जब इन्हें शुरू किया जाएगा तो सावधानी और अधिक बरतनी पड़ेगी । पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना की लड़ाई लंबी है और दो गज दूरी,सफाई और मास्क को जीवनशैली का हिस्सा बनाकर इसपर विजय प्राप्त करनी है।' मन की बात ' करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोरोना ने गरीबों ,मजदूरों पर चोट की है और आत्म निर्भर भारत बनाकर गरीबों ,मजदूरों के जीवन को सामान्य तरीके से पटरी पर लाया जा सकता है।

प्रधानमंत्री ने पूर्वी भारत के विकास को प्राथमिकताओं में शामिल करने की बात कही और कहा कि यहां के श्रमिकों में ऊर्जा है,कार्य करने की क्षमता है और इनकी ऊर्जा का इस्तेमाल कर पूर्वी भारत को ग्रोथ का बड़ा सेंटर बनाया जाएगा। पीएम मोदी ने योग की भी चर्चा की और कहा कि योग से कम्युनिटी और इम्युनिटी दोनों बढ़ते हैं । पर्यावरण की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि लॉक डाउन में लोगों ने स्वच्छ वातावरण,साफ आसमान और नदियों की स्वच्छता और हरियाली देखी और पर्यावरण के महत्व को समझा है ।अब विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बड़ी संख्या में वृक्षारोपण का कार्य होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कोरोना के संकट से डॉक्टर,पुलिस और मीडियाकर्मी लोगों की सेवा में जुटे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना के खिलाफ जारी जंग में भारत के प्रयासों और कार्यों की पूरी दुनिया तारीफ कर रही है। उन्होंने पचास लाख से अधिक प्रवासी श्रमिकों के उनके घर लौट जाने की चर्चा करते हुए भीषण गर्मी की भी चर्चा की और लोगों से पक्षियों को पानी की व्यवस्था करने और उनकी जान बचाने की भी अपील की ।

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