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गाजियाबाद में नकारात्मक उर्जा को सकारात्मक उर्जा में बदलेगा गांधीजी का चरखा

गाजियाबाद में नकारात्मक उर्जा को सकारात्मक उर्जा में बदलेगा गांधीजी का चरखा
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  • जिला प्रशासन ने अधिकारियों, कर्मचारियों व नागरिकों को भंेट किए चरखे

गाजियाबाद। एएनएन (Action News Network)

प्रशासन के अधिकारियों व जिले के नागरिकों में नकारात्मक उर्जा को सकारात्मक उर्जा मे ंपरिवर्तित करने के लिए गांधीजी का चरखा भेंट किया जाएगा। गाजियाबाद जिला प्रशासन ने बुधवार को महात्मा गांधी के ऊर्जा स्रोत चरखा भेंट करने का अनूठा अभियान शुरू कर दिया। दरअसल स्वतंत्रा संग्राम के दौरान जब भी कोई हिंसा होती थी, तो गांधी जी चरखा चलाकर उपजी नकारात्मक उर्जा को सकारात्मक उर्जा में परिवर्तित कर आत्मसात कर लेते थे।

गांधीजी के जीवन से जुड़े इस चरखे के सिद्धांत से प्रेरित होकर जिलाधिकारी डाॅ. अजय शंकर पंाडेय ने शहर की डेल्टा आरडब्ल्यूए और बार एसोसिएशन के सहयोग से जहां जिला प्रशासन के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों व कार्यालय में आने वाले आगंतुकों को चरखे भेंट किये। जिलाधिकारी ने बताया कि महात्मा गांधी की 150वीं जयंती को उनके जीवन से जुड़ी हुई महत्वपूर्ण घटनाएं जो अलग-अलग तिथियों पर घटित हुई हैं, उनको चिन्हित किया गया है। इसी कड़ी में आज चरखा वितरण का आयोजन किया गया।

उन्होंने बताया कि चार फरवरी 1922 को चैरी-चैरा की दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटित हुई थी। महात्मा गांधी ने आंदोलन को हिंसात्मक दिशा में जाने के कारण 12 फरवरी को विधिवत इस आंदोलन को स्थगित कर दिया था। इस दौरान उन्होंने जनता को रचनात्मक कार्यों से जोड़ने का संदेश दिया। इन रचनात्मक कार्यों में से एक था हर व्यक्ति को चरखे से जुड़ने का संदेश। चरखे रूपी इस यंत्र से छह बिंदुओं पर सकारात्मक उर्जा पैदा होती है।

यह चरखा आत्मविश्वास, सूचिता एवं स्वावलंबन का प्रतीक है, चरखे को हमेशा मेज पर रखे। दिनचर्या की शुरूआत से पहले एक बार चरखा चलाए। आपके मन में यदि नकारात्मक उर्जा आए तो एकाग्र चित्त होकर चरखे को देंखे और उसे दो बार चलाया जाए। यदि आपको कोई प्रलोभन दे तो उसे चरखा चलाने का अनुरोध करें।

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