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असम में कोरोना के मद्देनजर बड़े पैमाने पर की जा रही तैयारियां : डॉ हिमंत विश्वशर्मा

असम में कोरोना के मद्देनजर बड़े पैमाने पर की जा रही तैयारियां : डॉ हिमंत विश्वशर्मा
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गुवाहाटी। एएनएन (Action News Network)

असम के स्वास्थ्य आदि मामलों के मंत्री डॉ हिमंत विश्वशर्मा ने गुरुवार को वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से निपटने के लिए केंद्र व राज्य सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों की जानकारी देते हुए कुछ घोषणाएं की। डॉ विश्वशर्मा आज सोरुसजाई स्टेडियम में अस्थायी रूप से तैयार किए जा रहे कोरांटीन केंद्र का जायजा लेने पहुंचे थे। इस मौके पर मीडिया को संबोधित करते हुए राज्य सरकार की ओर से कोरोना से लड़ाई लड़ने के लिए की जा रही तैयारियों का खुलासा किया।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल (जीएमसीएच) में केवल कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों का ही इलाज होगा। जीएमसीएच में 30 नए आईसीयू बेड की व्यवस्था की गई है। जबकि महेंद्र मोहन चौधरी अस्पताल (एमएमसीएच) में कोरोना के मरीजों के लिए 150 बिस्तर की व्यवस्था के साथ ही 10 आईसीयू बेड भी स्थापित किए गए हैं। वहीं एमएमसीएच के प्रसूती विभाग को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।

डॉ हिमंत ने बताया कि राजधानी के नेहरू स्टेडियम, सोरूसजाई स्टेडियम में हजार बिस्तर वाले कोरांटीन केंद्र बनाए जा रहे हैं। वहीं सोनापुर स्थित कामरूप (मेट्रो) जिला अस्पताल को भी सिर्फ कोरोना मरीजों के इलाज के लिए पूरी तरह से तैयार किया गया है। यहां पर कुल 150 मरीजों को रखने की व्यवस्था की गई है, जबकि आईसीयू के 10 नए बेड भी स्थापित किए गए हैं। वहीं गुवाहाटी कालापहाड़ स्थित संक्रामक रोग अस्पताल में भी सिर्फ कोरोना के मरीजों का ही इलाज किया जाएगा।

इस कड़ी में कामरूप के सिंगीमारी आदर्श अस्पताल, जालुकबारी आयुर्वेदिक अस्पताल में भी केवल कोरोना के मरीजों की ही चिकित्सा होगी। चाबुआ स्थित टाटा रेफरल अस्पताल को भी कोरोना मरीजनों के इलाज के लिए तैयार किया गया है। स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य में 200 वेंटिलेटर की व्यवस्था करने की घोषणा की। उन्होंने बाहर रहने वाले राज्य के लोगों से वेंटिलेटर, पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट (पीपीई) आदि की व्यवस्था मुहैया कराने का आह्वान किया है।

डॉ हिमंत विश्वशर्मा ने कहा कि राज्य के छह अस्पतालों को आइसोलेशन अस्पताल के रूप में तब्दील किया गया है। उन्होंने कोरोना के अलावा अन्य रोगों का इलाज निजी अस्पतालों से करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि गरीब लोगों के निजी अस्पतालों में होने वाले इलाज पर खर्च को सरकार वहन करेगी। हालांकि राज्य में अभी तक कोरोना के एक भी पॉजटिव मामले सामने नहीं आएं हैं। हालांकि पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल, मणिपुर और मिजोरम में कोरोना के मामले सामने आ चुके हैं, जिसको देखते हुए राज्य सरकार अभी से अपनी तैयारियों को अमलीजामा पहनाने में जुट गई है।

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