Top
Action India

रोडवेज बसों के संचालन की तैयारियां शुरू, कम लोड फैक्टर वाले रूटों पर नहीं चलेगी बसें

रोडवेज बसों के संचालन की तैयारियां शुरू, कम लोड फैक्टर वाले रूटों पर नहीं चलेगी बसें
X

  • लॉक डाउन में निगम को घाटे से उबारने की कवायद भी शुरू

  • शासन के निर्देश पर अब डिपो वार भेजी गयी मार्गों की सूची

हमीरपुर । एएनएन (Action News Network)

लॉक डाउन के बीच दो माह से बंद रोडवेज बस सेवा को अब फिर से चालू करने की तैयारियां यहां शुरू हो गयी है। परिवहन निगम के प्रधान प्रबंधक संचालन राजेश वर्मा के पत्र को लेकर परिवहन निगम के अधिकारियों ने संभावित मार्गों और डिपो वार बसों की सूची भेज दी है। शासन से हरी झंडी मिलते ही ग्रामीण सेवायें भी चालू हो सकेगी।

लॉक डाउन के बीच 22 मार्च से हमीरपुर डिपो की बसों का संचालन बंद चल रहा है। इससे मार्च महीने में ही लाखों रुपये के राजस्व को सीधे तौर पर नुकसान पहुंचा है। रोडवेज निगम हमीरपुर को अप्रैल माह में डेढ़ करोड़ से अधिक की आमदनी पर पानी फेर गया है। शासन के आदेश पर इन दिनों रोडवेज बसें प्रवासियों को गन्तव्य तक ले जाने के लिये लगी है। इधर मुख्य प्रधान प्रबंधक, परिवहन निगम की बसों के संचालन कराये जाने के लिये तैयारी में जुट गये है।

उन्होंने पत्र भेजकर संकेत दिये है कि जिन मार्गों पर साठ प्रतिशत से कम लोड फैक्टर मिलेगा, वहां लाभ न मिलने पर बसों का संचालन नहीं किया जायेगा। ऐसे में देखा जाये तो बसों में अगर ज्यादा लोग सफर करेंगे तभी उसका लोड फैक्टर पूरा होगा। लेकिन सामाजिक दूरी का पालन नहीं हो सकेगा यदि रोडवेज बसों पर कम सवारियां ढोयी जायेगी तो लोड फैक्टर पर विपरीत प्रभाव भी पड़ेगा।

परिवहन निगम के मुख्य प्रबंधक ने एक पत्र जारी करते हुये कहा कि निगम की अधिकतम बसों को उपयोग में लाया जायेगा साथ ही अन्तर्राज्यीय मार्गों का विवरण अलग से जारी किया जायेगा। उन्होंने कहा कि कोविड-19 संक्रमण से सुरक्षा के मद्देनजर बसों, बस स्टेशनों, यात्रियों और कर्मियों के लिये निर्धारित प्रक्रिया को आगे जारी रखने के निर्देश दिये जायेंगे।हमीरपुर परिवहन निगम के डिपो के सीनियर फोरमैन रामजी तिवारी ने मंगलवार को बताया कि शासन रोडवेज बसों का संचालन कराया जाना प्रस्तावित किया है। जो सूचनायें मांगी गयी थी वह भेज दी गयी है। उन्होंने बताया कि लाँक डाउन के कारण अकेले अप्रैल माह में 1.80 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान निगम को हुआ लेकिन मई माह में शासन की दरियादिली के कारण नुकसान की भरपाई हो गयी है।

उन्होंने बताया कि प्रवासियों को गन्तव्य स्थानों तक भिजवाने में बसें लगायी गयी है जिससे आमदनी अच्छी मिली है। सीनियर फोरमैन ने बताया कि शासन से हरी झंडी मिलते ही बसों का संचालन सामाजिक दूरी का पालन कराते हुये किया जायेगा, लेकिन इसमें आधी सवारियां ही बैठाने का प्रावधान रहेगा जिससे निगम को नुकसान हो सकता है। उन्होंने माना कानपुर, उरई और लम्बे रूटों पर बसें चलाने से ही रोडवेज को अच्छा लाभ मिलेगा।

मंडल में रोडवेज की 173 बसे है ब्रेक डाउन

चित्रकूट धाम मंडल के 129 बसों के बेड़े वाले बांदा डिपो में 52 बसें ब्रेक डाउन है वहीं महोबा में 67, राठ में 39 तथा हमीरपुर डिपो में 15 बसे ब्रेक डाउन है। महोबा में 120 बसे है, राठ डिपो में 91 तथा हमीरपुर डिपो में 63 बसें है। इसके अलावा बांदा में तीन बसे आफ रोड है जबकि महोबा में 5, राठ डिपो में 9 तथा हमीरपुर परिवहन डिपो में 5 बसे आफ रोड है। तकनीकी कमियों के कारण ये सभी बसे जहां की तहां खड़ी है।

प्रवासियों को घर भेजने में लगाई गई 154 बसें

परिवहन डिपो से मिली जानकारी के मुताबिक शासन के निर्देश पर बांदा डिपो से 42 बसे प्रवासियों को गन्तव्य स्थानों तक पहुंचाने के लिये लगाई गयी है, वहीं महोबा डिपो की 45. राठ डिपो की 43 तथा हमीरपुर डिपो से 24 बसे प्रवासियों को गन्तव्य स्थानों तक भिजवाने के लिये लगायी गयी है। हमीरपुर से ही 10 बसों में प्रवासियों को देवरिया भेजा गया है वहीं 14 बसों में प्रवासियों को मुगलसराय भेजा गया है।

डिपो की छह बसें चल रहीं खराब

डिपो में बस संख्या 0008, 14 मार्च से रीजनल वर्कशाप में खड़ी है। 9685 का एक मई से इंजन कार्य हो रहा है। जबकि 3912 बीते 17 मई से पंप में, बस संख्या 927 बीते 21 मई से एयर लॉक है। 2553 16 मई से चार बाग लखनऊ में है। बस संख्या 949 का अल्टरनेटर खराब है। वहीं चार बसें शेल्टर होम में लगी हैं। 10 बसें प्रयागराज, दो बसें सरसई व दो मकरांव के लिए संचालित हैं। संचालित दस बसें देवरिया व 14 मुगलसराय भेजी गई हैं।

Next Story
Share it