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शेवड़ाफूली सब्जी मंडी को स्थानांतरित करने के बाद भी नहीं हुआ समस्या का समाधान

शेवड़ाफूली सब्जी मंडी को स्थानांतरित करने के बाद भी नहीं हुआ समस्या का समाधान
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शेवड़ाफूली । एएनएन (Action News Network)

सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करवाने के लिए प्रशासन ने हुगली जिले की सबसे बड़ी थोक सब्जी की मंडी कही जाने वाली शेवड़ाफूली सब्जी मंडी को वैद्यबाटी के सासमलपाड़ा इलाके के आरएमसी मार्केट में स्थानांतरित कर दिया था। आरोप है कि इस स्थानांतरण के बाद सोशल डिस्टेंसिंग की समस्या का समाधान नहीं हुआ बल्कि अन्य और कई समस्याएं खड़ी हो गई हैं। इस बाजार में भी सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों की धज्जियां वैसे ही उड़ी हैं जैसे शेवड़ाफूली सब्जी मंडी में उड़ रहीं थी। बाजार में आकर व्यवसायियों का आरोप है कि इस बाजार में कोई इंफ्रास्ट्रक्चर की चीज नहीं है।

यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि मोबाइल फोन से बाजार की तस्वीर नहीं लेने दी जा रही है। यदि कोई बाजार की तस्वीर लेता हुआ पकड़ा जा रहा है तो उसके फोन को छीन लिया जा रहा है। यहां आने वाले व्यवसायियों का आरोप है कि उन्हें डरा धमका कर इसी बाजार में व्यवसाय करने के लिए बाध्य किया जा रहा है। व्यवसायियों का कहना है कि शेवड़ाफूली सब्जी मंडी के तुलना में इस बाजार में सब्जियों के दाम भी काफी ऊंचे हो गए हैं। इसके कारण क्रेताओं को काफी समस्या हो रही है।

कम पूंजी वाले व्यवसायी जो यहां से थोक में सब्जी खरीदकर आसपास के क्षेत्रों जैसे श्रीरामपुर, रिसड़ा कोननगर, उत्तरपाड़ा आदि में खुदरा में बेचते थे उनमें गहरा असंतोष है। जानकारी यह भी मिल रही है शेवड़ाफूली बाजार क्या स्थानांतरित होने से इस बाजार से जुड़े हुए तकरीबन 300 से अधिक मुटिया मजदूरों का भी रोजगार छिन गया है।आरोप है कि प्रशासन ने व्यवसायियों से बातचीत किए बगैर ही शेवड़ाफूली बाजार को स्थानांतरित करने का एकतरफा निर्णय ले लिया। प्रशासन के इस निर्णय के बाद शेवड़ाफूली के व्यवसायियों के एक बड़े वर्ग में घोर हताशा और निराशा है।

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