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युद्ध नहीं, शांति चाहिए : ह्वाइट हाउस के बाहर प्रदर्शन

युद्ध नहीं, शांति चाहिए : ह्वाइट हाउस के बाहर प्रदर्शन
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वाशिंगटन। एएनएन (Action News Network)

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ईरान के ताक़तवर ले॰ जनरल क़ासिम सुलेमानी की एक हवाई हमले में जान से मार देने की घटना को ले कर दिन भर देश की राजधानी और बड़े शहरों में राजनैतिक सरगर्मियों का माहौल रहा। शनिवार को व्हाइट हाउस के बाहर जुटे प्रदर्शनकारी खाड़ी में युद्ध की आशंकाओं को लेकर प्रदर्शन करने में सफल रहे, तो रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं ने राष्ट्रपति के निर्णय का समर्थन करते हुए कहा कि ट्रम्प की इस सैन्य कार्रवाई से देश की जनता ईरान की कथित सैन्य हरकतों से सुरक्षित हो गई है। प्रदर्शनकारियों के हाथों में प्ले कार्ड और बैनर थे। उन पर लिखा था, “युद्ध नहीं, शांति चाहिए। खाड़ी में एक और युद्ध नहीं।” इन प्रदर्शनकारियों में ज़्यादातर युवक इराक़ और खाड़ी देशों के थे।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के ले॰ जनरल क़ासिम सुलेमानी की बग़दाद हवाई अड्डे पर एक हवाई हमले में जान से मार देने की सैन्य कार्रवाई के अपने निर्णय से कांग्रेस को अवगत करा दिया है । राष्ट्रपति शनिवार को जब ट्वीट कर ईरान को धमकी दे रहे थे तो उनके व्हाइट हाउस अधिकारी 1973 युद्ध शक्तियों के तहत राष्ट्रपति की सैन्य कार्रवाई करने के 48 घंटों के अंदर कांग्रेस को सूचित किए जाने के दायित्व की पूर्ति करने में लगे थे।

ट्रम्प ने शनिवार को अपने ट्वीट में ईरान को सचेत किया कि उसने अमेरिकी हितों को कहीं भी चोट पहुंचाई तो वह ईरान के उन सभी चुनिंदा 52 ठिकानों पर हमले करने को बाध्य होंगे, जहाँ अमेरिका के 52 बंधकों को ईरान ने बंदी बनाया था। उन्होंने कहा है कि इस बार हमले तेज़ी से और पहले से ज़्यादा भयावह होंगे। यूएसए टू डे दैनिक के अनुसार व्हाइट हाउस अधिकारियों ने इस सैन्य कार्रवाई को पूर्णतया वैध बताया है। अधिकारियों ने ख़ुफ़िया एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर दावा किया है कि सुलेमानी अमेरिकी हितों पर चोट करने के लिए कार्रवाई करने में जुटा हुआ था। इस पर प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी ने टिप्पणी की है कि राष्ट्रपति ने उन्हें बहुत कम जानकारी दी है।

व्हाइट हाउस के बाहर शनिवार को दिन भर खाड़ी में युद्ध की आशंकाओं को लेकर प्रदर्शन होते रहे।

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