
पंजाब में पहली बार होगी डिजिटल जनगणना, अगले हफ्ते चंडीगढ़ से ट्रेनिंग देने आएगी टीम
अमृतसर.
14 वर्ष बाद इस साल के मध्य में होने जा रही जनगणना डिजिटल तरीके से करवाई जाएगी। जिसमें अगले हफ्ते चंडीगढ़ से टीम आकर साफ्टवेयर के बारे प्रशिक्षण देगी। शहर और गांव में होने वाली जनगणना का सारा काम मोबाइल ऐप पर होगा। पंजाब सरकार की तरफ से नोटिफिकेशन किए जाने के बाद मई से जनगणना शुरू होने की संभावना है।
इस जनगणना में करीब 3 हजार कर्मचारी फील्ड में उतारने को लेकर तैयारियां चल रही हैं। इससे पहले वर्ष 2011 की मतगणना में शहर की आबादी 11.32 लाख थी। निगम की हद में जनगणना के लिए निगम कमिश्नर प्रिंसिपल सेंसस अफसर और देहाती इलाके में जनगणना के लिए डिप्टी कमिश्नर प्रिंसिपल सेंसस अफसर नियुक्त किए गए हैं। जनगणना के दौरान कर्मचारी डोर टू डोर जाएंगे। वहीं, कर्मचारी डिजिटल तरीके से अपनी-अपनी लोकेशन में जाकर जनगणना का काम करेंगे। नगर निगम कमिश्नर के आदेशों पर सुपरिटेंडेंट जनरल ने 50 विभागों को चिट्ठियां निकाली हैं। जिसमें उनसे जनगणना में ड्यूटियां लगाने के लिए उनके अंतर्गत काम कर रहे स्टाफ की लिस्ट मांगी हैं।
निगम के हद में चार लाख घर व 10 बाहरी इलाके में कवर होंगे
निगम हद की बात करें तो इसमें 4 लाख के करीब घर होने का अंदाजा लगाया जा रहा है। इसमें डिजिटल सर्वे के लिए 180 घरों या 800 की आबादी के पीछे एक ब्लाक बनाया जाएगा। ऐसे में निगम के हद में करीब 2,222 ब्लाक बनाए जाने हैं। शहर की 85 वार्डों में एक्सईएन, एसडीओ और असिस्टेंट टाउन प्लानर (एटीपी) स्तर के 21 चार्ज आफिसर लगाए जाने हैं। वहीं हर ब्लाक में गिनतीकार लगेगा। गिनतीकार मोबाइल ऐप पर जनगणनना का काम करेगा। वहीं, हर 6 गिनतीकार पर एक सुपरवाइजर लगाया जाएगा। वह आगे अपनी रिपोर्ट चार्ज ऑफिसर को देगा। इसमें 370 के करीब सुपरवाइजर तैनात होंगे। इसमें 85 वार्डों की हद के साथ लगते 10 के करीब बाहरी इलाकों को भी कवर किया जाना है। इनकी निशानदेही वगैरह हो चुकी है। नगर निगम की तरफ से 85 वार्डों की डिजिटल मैपिंग करके केंद्र सरकार को भेजी जा चुकी है। इसमें 139 स्कवेयर किलोमीटर एरिया में जनगणना की जाएगी। स्टाफ को डिजीटल ट्रेनिंग दी जाएगी।
कर्मियों के 33 सवाल के जवाब देने होंगे लोगों को
जनगणना के दौरान कर्मचारी हर घर में जाकर 33 सवाल पूछेगा। जिसमें घर का नंबर, मकान के फर्श, छत, दीवार में इस्तेमाल की गई सामग्री, मकान की हालत, परिवार के मुखिया का नाम और लिंग, परिवार में रहने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या, मकान के स्वामित्व की स्थिति, परिवार के पास रहने के लिए उपलब्ध कमरे, दंपतियों की संख्या, परिवार का मुखिया अनुसूचित जाति या अन्य से संबंधित है। पेयजल का मुख्य स्रोत, शौचालय की उपलब्धता, रसोई और एलपीजी या पीएनजी कनेक्शन, खाना पकाने के लिए प्रयुक्त ईधन, रेडियो-टीवी, इंटरनेट सुविधा, लैपटाप-कंप्यूटर, कार-जीप-वैन, साइकिल-मोटरसाइकिल, परिवार द्वारा उपयोग किया जाने वाला मुख्य अनाज, मोबाइल नंबर वगैरह से संबंधित सवाल पूछे जाएंगे। इससे देश के लोगों की आर्थिक स्थिति तय की जाती है।




