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ओलावृष्टि व आंधी तूफान से किसानों पर आफत, रवि के साथ ही सब्जी की खेती चौपट

ओलावृष्टि व आंधी तूफान से किसानों पर आफत, रवि के साथ ही सब्जी की खेती चौपट
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आसमानी आफत से अन्नदाता की टूटी कमर, ओलावृष्टि से फसलों का भारी नुकसान

बर्बाद बर्बाद फसलों के बाबत 72 घंटे के अंदर टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराने का आदेश जारी

लखनऊ। एएनएन (Action News Network)

जाड़े की सीजन से लगातार हो रही छिटपुट बरसात में मार्च माह में कुछ अलग ही स्वरूप अख्तियार कर लिया। रह रहकर बरसात के साथ ही ओलावृष्टि के बाद भयंकर तूफान ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी। स्थिति यह हो गई की रवि की लहलहाती फसल खेतों में ही गिर कर धराशाई हो गई।

मौसम विभाग के मुताबिक, राजधानी समेत प्रदेश में कई जगहों पर तेज हवा और गरज-चमक के साथ बारिश और ओले पड़ने की भी संभावना है। मौसम में यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और राजस्थान के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने से हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को अधिकतम तापमान 28 डिग्री के आसपास रहने की उम्मीद है। अगले दो-तीन दिन मौसम ऐसा ही रहने की उम्मीद है।

शुक्रवार की सुबह उत्तर प्रदेश में ओलावृष्टि व भयंकर तूफान से सब्जी की खेती को भी काफी नुकसान पहुंचा है। स्थिति यह हो गई रात दिन रतजगा कर किसानों ने जहां छुट्टा पशुओं से अपनी फसल बचा कर रखी, जिसे प्रकृति ने मार दिया। किसानों पर पड़ी इस आफत के बाबत जिला कृषि अधिकारी ने टोल फ्री नंबर की जानकारी देते हुए सुझाव दिया कि 72 घंटे के अंदर इस पर अपनी शिकायत दर्ज करा लें किसान।

गौरतलब हो कि शुक्रवार की सुबह जबरदस्त गरज व बिजली की चमक के साथ राजधानी लखनऊ के साथ सीतापुर, गोण्डा, कानपुर, बाराबंकी, चित्रकूट, गाजीपुर, आजमगढ़, बलिया, जौनपुर, देवरिया, गोरखपुर, चंदौली व वाराणसी इत्यादि में जमकर बरसात, तेज हवा के साथ आंधी व कहीं-कहीं भारी मात्रा में ओलावृष्टि हुई।

बेमौसम आए इस आंधी तूफान से एक तरफ जहां खेतों में खड़ी रवि की फसल गेहूं, सरसों, अरहर, चना, मटर की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। वहीं सब्जी की खेती के रूप में फूल गोभी, पत्ता गोभी, कद्दू, टमाटर व नेनुआ इत्यादि की फसलें भी बुरी तरह बर्बाद हो गई। आधी से टीन शेड उड़ गए वहीं पेड़ भी गिर पड़े। एक तरफ जहां किसानों ने वर्ष पर्यंत छुट्टा पशुओं के कहर से अपनी फसल को बचाया था जिसे एक झटके में प्रकृति की मार ने बर्बाद कर दिया।

गाजीपुर जनपद के जखनिया क्षेत्र के प्रतिष्ठित किसान अजय शंकर पाठक ने कहा कि इस वर्ष गेहूं सरसों की फसल बहुत ही अच्छी थी। लगभग समूचे पूर्वांचल में गेहूं बुवाई के समय ही हो गई बरसात के फल स्वरुप गेहूं की फसल बहुत अच्छी नजर आ रही थी। किसानों ने बड़ी-बड़ी उम्मीदें पाल रखी थी लेकिन इधर हाल के कुछ दिनों से लगातार बेमौसम बरसात व ओलावृष्टि ने पूरी तरह बर्बाद करके रख दिया।

जनपद के युसुफ़ पुर क्षेत्र से किसान ओम नारायण राय ने प्रकृति की मार का रोना रोते हुए कहा कि काफी अर्से बाद ऐसी शानदार फसल देखने को मिली थी। लेकिन ओलावृष्टि व आंधी तूफान से सभी फसलें जमीजोंद हो गई। जनपद के गहमर, बिरनो, जमानिया, सैदपुर, यूसुफपुर मोहम्मदाबाद, दिलदारनगर सहित सभी क्षेत्रों के किसानों कि लगभग यही स्थिति हो गई है।

ओलावृष्टि और तूफान से बर्बाद हुई फसलों के बाबत 72 घंटे के अंदर दर्ज कराएं शिकायत:- कृषि अधिकारी (टाल फ्री नंबर जारी) गाजीपुर के साथ ही चंदौली, बलिया, मऊ, आजमगढ़, जौनपुर, देवरिया, गोरखपुर व वाराणसी इत्यादि में आए तूफान में फसलें बर्बाद करके रख दी। ऐसे में एकमात्र आसरा फसल बीमा योजना की तरफ बनी हुई है लोगों द्वारा सोशल मीडिया इत्यादि के माध्यम से अब सरकार से क्षतिपूर्ति की गुहार लगाई जा रही है।

वहीं गाजीपुर में जिला कृषि अधिकारी ने टोल फ्री नंबर जारी कर लोगों से 72 घंटे के अंदर बरबाद फसलों के बाबत शिकायत दर्ज कराने का सुझाव जारी कर दिया। इसके बाबत जिला कृषि अधिकारी गाजीपुर ने बताया है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत किसान क्रेडिट कार्ड लेने वाले कृषक एवं स्वैच्छिक आधार पर प्रधानमंत्री फसल बीमा कराये गये किसान की फसल किसी भी प्राकृतिक आपदा यथा चक्रवात, बेमौसम वर्षा से क्षति की स्थिति मे (क्षति का आकलन व्यक्तिगत बीमित कृषक के स्तर पर) स्थानिक आपदा ओलावृष्टि एवं जल प्लावन से हुए नुकसान की स्थिति मे क्षति का आकलन व्यक्तिगत बीमित कृषक के स्तर पर 72 घण्टे के अन्दर बीमा कम्पनी के टोल फ्री नं0 1800120909090 व 18001035490 पर या बैंक को या कृषि विभाग को सूचना देना होगा।

बारिश संग ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद

बाराबंकी में बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने किसानों की कमर ही तोड़कर रख दी है। यह स्थिति पूरे जिले में एक सी रही है। आलू, सरसों, गेहूं, शिमला मिर्च, स्ट्राबेरी, आम के बौर सहित सभी फसलों के लिए यह आपदा बर्बादी का कारण बनेगी। देवा, कुर्सी, सिरौलीगौसपुर और रामनगर क्षेत्र में भारी नुक़सान हुआ है।

जिला कृषि अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि फसलों को हुई क्षति का आकलन किया जा रहा है। शाम तक नुकसान की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। उधर, बिजली लाइन पर कई स्थानों पर पेड़ गिरने से आपूर्ति ठप हो गई। पल्हरी और ओबरी उप केंद्र के मध्य फाल्ट के चलते आधे शहर की बिजली आपूर्ति और पेयजल आपूर्ति ठप रही। इससे लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ा।

ओलावृष्टि से फसल प्रभावित

सीतापुर में गुरुवार देर रात एक बार फिर विभिन्न हिस्सों में तेज हवा और बारिश के बीच ओलावृष्टि हुई है। इससे खासतौर से गेहूं, सरसों, मसूर, चना आदि के साथ ही आम की फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है। मिश्रिख तहसील क्षेत्र में सबसे अधिक ओला औरंगाबाद, बीबीपुर, परसपुर , रहीमाबाद , चौपरिया , भैरमपुर , अरबगंज , मनिकापुर आदि क्षेत्रों में पड़े हैं। जिससे आम के बौर, गेहूं की बालियों और सरसों फसल को को नुकसान हुआ है। मालूम हो कि क्षेत्र में इस साल आम की फसल पर भारी नुकसान देखने को मिल रहा है। वही पहला ब्लॉक क्षेत्र में भी भारी ओलावृष्टि होने से गेहूं के साथी दलहन तिलहन वाली फसलों को नुकसान हुआ है।

अमेठी में पेड़ गिरे, दर्जनों घर तहस-नहस

अमेठी में तेज तूफान और ओलावृष्टि ने मचाई तबाही। दर्जनों घर गिरे दो दर्जन से अधिक पेड़, गेहूं की फसल चौपट। पशुशाला पर गिरे पेड़ से एक मवेशी की मौत हो गई। वहीं, घटना में कई घायल बताए जा रहे हैं।फसलों को लेकर किसान हमेशा अपनी आगे के योजनाओ को पूरा करने के सपने देखता है मगर उनके सपने आज इसी आसमानी आफत में चकनाचूर हो गए।

खेतों में सिर्फ फसल ही नहीं गिरी बल्कि फसल के साथ किसानों की उम्मीदें भी धराशायी हो गयी। इन किसानों को अब सरकारी सहायता ही सहारा दे सकती है जिसकी वह टकटकी लगाए आस देख रहा है। अब यह सरकारी सहायता से कब प्राप्त होगी, कितनी प्राप्त होगी, किस तरह से अधिकारी उनकी बरबादी की रिपोर्ट तैयार करेंगे। यह सब सोचकर अन्नदाता परेशान है।

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