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उत्तराखंड के 12 जिलों में लौटी रौनक, सड़कों और बाजार में बढ़ी चहल-पहल

उत्तराखंड के 12 जिलों में लौटी रौनक, सड़कों और बाजार में बढ़ी चहल-पहल
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  • शराब की दुकानों पर उमड़ी खरीदारों की भीड़, पुलिस को काबू करने में छूटे पसीने

  • हल्द्वानी में ठेके पर लोगों की भीड़ के बीच फंसी एम्बुलेंस

  • रेड जोन वाले हरिद्वार जिले में लॉक डाउन के दौरान पहले की भांति ही नियम सख्त

देहरादून । एएनएन (Action News Network)

उत्तराखंड के 12 जिलों में 40 दिन बाद सोमवार को सड़कों और बाजारों में एक बार फिर रौनक दिखाई दी। राज्य के ग्रीन और ऑरेंज श्रेणी के इन जिलों में दुकानें खुलने और सड़कों पर वाहन सरपट दौड़ते दिखे। हालांकि ज्यादातर स्थानों पर लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते दिखाई दिए लेकिन कुछ स्थानों पर इसकी लक्ष्मण रेखा को पार करने से भी गुरेज नहीं किया, खासतौर पर शराब की दुकानों पर।

कोरोना संक्रमण से रोकथाम और बचाव के मद्देनजर सरकार द्वारा घोषित लॉक डाउन 3.0 की सोमवार से शुरूआत हो गई। केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर उत्तराखंड सरकार ने भी राज्य में एक पखवाड़े के लिए लॉक डाउन बढ़ा दिया है। इस दौरान दुकानें सुबह 7 बजे और कार्यालय सुबह 10 बजे से खोलने की इजाजत दी गई है। हालांकि शाम चार बजे से अगले दिन सुबह सात बजे तक लॉक डाउन पूर्ववत रहेगा। इस दौरान मरीज या अपरिहार्य परिस्थिति होने पर ही लोग जा सकेंगे। राजधानी देहरादून और नैनीताल ऑरेंज जोन में और हरिद्वार जनपद रेड जोन में है। बाकी के 10 जिले उत्तरकाशी, टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, ऊधमसिंह नगर, बागेश्वर और चंपावत जिला ग्रीन जोन में हैं।

मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह के निर्देशानुसार राज्य के मैदानी जिलों में आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर अन्य सामग्री वाली महज 50 फीसदी दुकानें खोलने की इजाजत दी गई है। सोमवार को बाजार खुलने पर कई स्थानों पर लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते नहीं दिखे तो पुलिसकर्मियों को इसके लिए सख्ती बरतनी पड़ी।उत्तराखंड में पिछले 40 दिन के लॉक डाउन के दौरान राज्य में शराब की दुकानें बंद रखी गई थीं। सोमवार से प्रतिबंधित क्षेत्रों को छोड़कर शराब और बीयर की दुकानें भी खुल गईं। सरकारी नियमों के अनुसार इस दौरान सेल्समैन को ग्लब्स पहनने और दुकानों के बाहर खरीदारों के लिए सोशल डिस्टेंसिंग (6 फीट दूरी) का पालन करना अनिवार्य किया गया है। एक दुकान पर पांच से ज्यादा लोगों के खड़े रहने पर पाबंदी लगाई गई है। इसके अलावा यदि पांच से अधिक लोग रहते हैं तो पांचवें से छठे व्यक्ति के बीच 10 फीट का अंतर रखना होगा। इतने सख्त नियम बनाने के बावजूद कई इलाकों में ये नियम दुकान खुलने पर टूट गए। कुमाऊं मंडल के नैनीताल जिले के हल्द्वानी मुख्य मार्ग पर शराब की दुकान खुली तो 40 दिन से घरों में बंद लोग अपने को रोक नहीं पाए और ठेके पर खरीदारी करने को पहुंच गए। एक साथ बड़ी संख्या में खरीदारों के पहुंचने पर सड़क पर जाम लग गया और उसमें एंबुलेंस फंस गई।

जनपद टिहरी गढ़वाल के खारा स्रोत में ठेके पर सुबह 7 बजे ही खरीदारों की भीड़ लग गई। जनपद देहरादून के अंतर्गत ऋषिकेश मद्य निषेध क्षेत्र घोषित है जबकि उसके आसपास 15 किलोमीटर के दायरे में रायवाला तथा 10 किलोमीटर रानीपोखरी में देसी व विदेशी शराब की दुकानें खुली हैं। जनपद टिहरी गढ़वाल के अंतर्गत थाना मुनी की रेती में मात्र एक किलोमीटर में खारा स्रोत में ठेका होने के कारण ऋषिकेश, मुनि की रेती, स्वर्ग आश्रम लक्ष्मण झूला, ढाल वाला तथा जनपद पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर ब्लॉक के सैकड़ों गांव के लोगों को यह ठेका नजदीक पड़ता है। इसके कारण यहां सुबह से ही शराब के शौकीन खरीदारों की लंबी लाइनें लगी हैं।मुनी की रेती थाना प्रभारी आरके आरके सकलानी ने बताया कि पुलिस द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराए जाने साथ स्कूटर पर एक व्यक्ति को ही आने जाने की की छूट दी गई है। यदि उसके बाद कोई भी व्यक्ति उक्त नियम का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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