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छत्‍तीसगढ़ : राजिम माघी पुन्नी मेला का शुभारंभ

छत्‍तीसगढ़ :  राजिम माघी पुन्नी मेला का शुभारंभ
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  • माघ पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने लगाई त्रिवेणी संगम में डुबकी

रायपुर। एएनएन (Action News Network)

माघी पुन्नी के पावन अवसर पर रविवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पुण्य स्नान किया। छत्तीसगढ़ के प्रयाग राज तीर्थ नगरी राजिम में राजिम माघी पुन्नी मेला का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन आज 9 फरवरी से 21 फरवरी तक होगा। इसके अंतर्गत संत समागम का आयोजन 15 फरवरी से 21 फरवरी तक रहेगा।

इस दौरान तीन पर्व स्नान 9 फरवरी माघी पूर्णिमा, 16 फरवरी जानकी जयंती और 21 फरवरी महाशिवरात्रि को होगा। रव‍िवार को माघी पूर्णिमा के शुभ अवसर पर अचंल सहित प्रदेश के कोने-कोने से पहुंचे श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम पैरी सोढ़ूर और महानदी में डुबकी लगाकर अपने आप को धन्य किया।

स्नान के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ राजीव लोचन और कुलेश्वरनाथ महादेव के मंदिर पहुंचकर दर्शन कर अपने परिवार की खुशहाली और सुख समृद्धि की आशीर्वाद मांगा। दोनों मंदिरों के अलावा श्रद्धालु लोमश ऋषि आश्रम, राजिम भक्तिन माता मंदिर, मामा-भांचा मंदिर, राजराजेश्वर, दानदानेश्वर, बाब गरीब नाथ महादेव के दर्शन भी किए।

रेत से शिवलिंग बनाकर की श्रध्दालुओं ने पूजा

कई महिलाएं एवं युवतियां तीनों नदी, पैरी, सोढूर और महानदी की धार में डुबकी लगाने के बाद नदी के रेत में शिवलिंग बनाकर उसमें नारियल, बेल पत्ता, धतुरे का फूल, दूध, मधूरस, फूण्डहर, केसरईया आदि चढ़ाकर पूजा अर्चना किया और नदी के धार में दीपदान किए। जानकारो के मुताबिक सूर्योदय के पूर्व माघी पुन्नी स्नान का बड़ा महत्व है।

दीप दान किए जाने का भी धार्मिक महत्व है, इसलिए नदी की धार में दीप दान कर सीधे श्री राजीव लोचन और भगवान श्री कुलेश्वरनाथ महादेव के दर्शन के लिए लोग पहुंचते रहे। कीवदंति है कि त्रेतायुग में भगवान राम बनवास काल के दौरान अपने अनुज लक्ष्मण एवं पत्नि सीता के साथ राजिम संगम आये थे। सीता जी सुबह स्नान करने के बाद रेत से शिवलिंग बनाकर पूजा की तभी से यहाॅ रेत से शिवलिंग बनाकर पूजा करने की परम्परा बनी हुई हैं।

श्री राजीव लोचन के जन्मोत्सव

माघी पूर्णिमा के दिन भगवान राजीव लोचन का जन्म दिवस है। इसके उपलक्ष्य में सदियों से राजिम के इस पावन भूमि में मेला लगते आ रहा है। भगवान का जन्मोत्सव मंदिर प्रांगण में बैंड-बाजे एवं नृत्य के साथ बहुत ही धूम-धाम से मनाया गया है। भगवान के पूजा के बाद नया लाल ध्वज मंदिर के कलश में चढ़ाया गया। माघ पूर्णिमा को लेकर भगवान श्री राजीव लोचन का मंदिर दमकने लगा है। बिजली की झालर और तेज लाइट की रोशनी से जगमगाने लगा है।

पुन्नी मेला के अवसर पर राजिम में अनेक संस्कार भी कराये जाने की परंपरा है। इस अवसर पर आने वाले दर्शनार्थी राजीव लोचन मंदिर के प्रांगण में बच्चों का मुंडन संस्कार सहित अन्य शुभ कार्य भी सम्पन्न कराए है। मंदिर प्रांगण में मुंडन करने वाले भरत सेन, कृष्णा सेन ने बताया की प्रति वर्ष माघी पुर्णिमा के अवसर पर वे लोग दर्जनों बच्चों का मुंडण कार्य सम्पन्न कराते है। राजिम संगम क्षेत्र होनें के साथ भगवान राजीव लोचन की पुण्य स्थली होने के कारण लोग यहाॅ पहुॅच कर अपने बच्चों का मुंडन कराना सौभग्य की बात समझते है।

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