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अयोध्या से जनकपुर के लिए निकली राम बारात, शामिल हुए संत और धर्माचार्य

अयोध्या से जनकपुर के लिए निकली राम बारात, शामिल हुए संत और धर्माचार्य
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अयोध्या। एएनएन (Action News Network)

रामनगरी के कारसेवकपुरम से प्रभु श्रीराम समेत दशरथ नंदन कुमारों की भव्य बारात बाजे-गाजे के साथ गुरुवार की सुबह रथ पर सवार होकर विवाह के लिए जनकपुर को रवाना हो गई। राम बारात में नगर के नर नारी के साथ बड़ी संख्या में साधु-संत और श्रद्धालु शामिल हुए।

राम बारात में राम नगरी अयोध्या समेत हरिद्वार, प्रयाग, वाराणसी, उज्जैन और अन्य स्थानों के संत धर्माचार्य भी शामिल होंगे। अयोध्या विवाद पर फैसला आने के बाद विश्व हिन्दू परिषद पहली बार भव्य तरीके से कार्यक्रम कर रहा है। विहिप हर पांच साल में राम जानकी विवाह समारोह का आयोजन करता है। संत धर्माचार्य के वाहनों के काफिले के साथ रवाना मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की बारात अंबेडकरनगर, आजमगढ़ से होते हुए बिहार के सीतामढ़ी समेत कई स्थानों पर रुकती हुई 28 नवम्बर को नेपाल राष्ट्र के जनकपुर में पहुंचेगी और वहां एक दिसम्बर को विवाह मंडप में श्री राम और माता जानकी का भव्य विवाह उत्सव मनाया जाएगा।

दशरथ की भूमिका में राम बारात का नेतृत्व कर रहे महन्थ कन्हैया दास ने बताया कि भगवान राम ने शिव जी का धनुष तोड़कर सीता जी से विवाह किया था। तभी से राम विवाह की परंपरा है। सर्वोच्च न्यायालय से राम लला के पक्ष में फैसले के बाद से सभी राम भक्तों में राम बारात में अति उत्साह उमंग है।

विहिप के प्रवक्ता शरद शर्मा ने बताया कि जनकपुर धाम में एक दिसम्बर को विधि-विधान से पाणिग्रहण संस्कार की रस्म भी पूरी की जाएगी और श्रद्धालु कन्यादान में यथाशक्ति आदिशक्ति को अपनी भेंट समर्पित करेंगे। दो दिसम्बर को कुंवर कलेवा का आनंददायी क्षण भी आएगा, जब वधू पक्ष की ओर से अखिल ब्रह्माण्ड नायक परात्पर ब्रह्म को ही दूल्हा सरकार के रूप में गारियों से नवाजा जाएगा ‘चारों दूल्हा में बड़का कमाल सखिया, आज लोढ़ा से सेकाई इनके गाल सखिया…। तीन दिसम्बर को प्रातः श्रीराम विवाह बारात यात्रा माता जानकी को साथ लेकर वापस अयोध्या धाम प्रस्थान करेगी। जहां पर अयोध्या की सीमा पर स्वागत होगा। राम विवाह के लिए देश के प्रधानमंत्री मोदी, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, नेपाल नरेश और उनके परिवार समेत विभिन्न नामचीन हस्तियों को आमंत्रण भेजा गया है।

जयपुर से आए रथ के सारथी बलवंत सिंह का कहना है कि दूल्हा स्वरूप श्री राम के रथ का सारथी बनने का मौका मिलना उनके लिए सौभाग्य है। इस खुशी को वह शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकते। राम विवाह के दिन ही भारत और नेपाल के 108 जोड़ों का सामूहिक विवाह भी होगा। जनकपुरधाम बारात यात्रा प्रस्थान में चारों भाइयों के स्वरूप को अयोध्या संत समिति के अध्यक्ष वाह दशरथ की भूमिका का निर्वाहन कर रहे महंत कन्हैया दास तथा महर्षि वशिष्ठ की भूमिका में दिगंबर अनी के मंत्री महंत वैष्णो दास तथा महर्षि विश्वामित्र बने हरिद्वार सिद्ध पीठ हनुमान मंदिर के महंत डॉक्टर वैष्णोदास हैं।

राम बारात का प्रस्थान वैदिक विद्वान पंडित इंद्र देव मिश्र वेद विद्यालय के आचार्य दुर्गा प्रसाद गौतम, नारद भट्टाराई,आचार्य पवन शुक्ल ने पूजन तथा अन्य अनुष्ठानों को संपन्न कर कराया। इस अवसर के महापौर ऋषिकेश उपाध्याय, विश्व हिंदू परिषद प्रबंध समिति के सदस्य पुरुषोत्तम नारायण सिंह, क्षेत्र संगठन मंत्री अमरीश ,विवाह बारात यात्रा संयोजक राजेंद्र सिंह 'पंकज', विहिप प्रवक्ता शरद शर्मा, 84 कोसी परिक्रमा प्रभारी सुरेंद्र, भाजपा नेता विनोद जायसवाल, कोष प्रमुख वीरेंद्र कुमार, डॉक्टर कुसुम लता अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।

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