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रानी मेरी पसं दीदा खिलाड़ी, एक दिन उनके जैसी बनना चाहूंगी : लालरेमसियामी

रानी मेरी पसं  दीदा खिलाड़ी, एक दिन उनके जैसी बनना चाहूंगी : लालरेमसियामी
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बेंगलुरु । Action India News

भारतीय महिला हॉकी टीम की फॉरवर्ड लालरेमसियामी ने कप्तान रानी रामपाल को अपना पसंदीदा खिलाड़ी बताते हुए उन्हीं के जैसा बनने की इच्छा जताई है। रानी को हाल ही में राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

बता दें कि जब 20 वर्षीय लालरेमसियामी वर्ष 2017 में पहली बार भारतीय टीम में शामिल हुई, तो उन्हें हिन्दी बोलना नहीं आता था। रामपाल, जो लालरेमसियामी के रूममेट थे, ने उन्हें हिंदी सिखाई और हमेशा से ही मिज़ोरम के खिलाड़ी की उनके खेल को सुधारने में मदद करती रहीं।

हॉकी इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट ने लालरेमसियामी के हवाले से कहा "मैं भारतीय टीम में शामिल होने से पहले रानी दी और अन्य वरिष्ठ खिलाड़ियों को टीवी पर देखता थी। रानी जैसी खिलाड़ी के साथ खेलना शानदार है।

वह मेरी पसंदीदा खिलाड़ी है और मैं एक दिन उसके जैसी खिलाड़ी बनना चाहूंगी। वह मेरे साथ हमेशा रही हैं। जब भी मेरे खेल के साथ कोई मुद्दा हुआ है, मैंने हमेशा रानी दी से पूछा है। जब मैं पहली बार भारतीय टीम में शामिल हुई तो उन्होंने मुझे हिंदी भी सिखाई है। मुझे रानी के साथ लंबे समय तक खेलने की उम्मीद है।"

लालरेमसियामी ने 64 मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है और भारत के लिए कई महत्वपूर्ण जीत की गवाह रही हैं, जिसमें पिछले साल एफआईएच महिला सीरीज फाइनल और एफआईएच हॉकी ओलंपिक क्वालीफायर शामिल हैं। हालांकि, 2017 एशिया कप उनके करियर का महत्वपूर्ण मोड़ था।

लालरेमसियामी ने कहा, "एशिया कप 2017 मेरे लिए पहली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं थी और इसलिए मेरे लिए इस प्रतियोगिता में प्रदर्शन करना बहुत महत्वपूर्ण था। प्रतियोगिता में अच्छा खेलने के बाद मेरे खेल में मेरा आत्मविश्वास और बढ़ा। हमने 2018 विश्व कप के लिए क्वालीफाई किया। आगे हमने उस टूर्नामेंट को जीता भी। इसलिए एशिया कप 2017 हमेशा मेरे लिए विशेष रहेगा।"

लालरेमसियामी, जिन्होंने तेंजवल में मिज़ोरम सरकार द्वारा संचालित हॉकी अकादमी में हॉकी की बुनियादी तकनीकों को सीखा था, ने कहा कि वह उत्तर पूर्व में खेल के विकास को देखकर खुश हैं।

उन्होंने कहा, "हॉकी निश्चित रूप से पिछले कुछ वर्षों में नॉर्थ ईस्ट में बढ़ी है। हमारी टीम में सुशीला चानू हैं, जिन्होंने भारत के लिए 150 से अधिक मैचों में हिस्सा लिया है। भारतीय पुरुष हॉकी टीम में कोठाजीत सिंह खडगबाम, नीलकंठ शर्मा और चिंगलेनसाना सिंह कंगुजम ने भी कई मैच खेले हैं। । मुझे यकीन है कि अगर हम अपनी टीमों के लिए प्रदर्शन करते रहेंगे तो नॉर्थ ईस्ट के युवा खिलाड़ी खेल के लिए प्रेरित होंगे और हॉकी इस क्षेत्र में और भी बढ़ेगी।

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