Top
Action India

नेताओं और सरकारी अधिकारियों का रेकॉर्ड भी बिजली बिल भरने में बेहतर नहीं 13 हजार करोड़ रुपये बकाया: ऊर्जा मंत्री

नेताओं और सरकारी अधिकारियों का रेकॉर्ड भी बिजली बिल भरने में बेहतर नहीं 13 हजार करोड़ रुपये बकाया: ऊर्जा मंत्री
X

लखनऊ। एआईएन

उत्तर प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री एवं सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने कहा कि राज्य में नेताओं और सरकारी अधिकारियों का रेकॉर्ड भी बिजली बिल भरने में बेहतर नहीं है। उन्होंने बताया कि सरकारी विभागों और आधिकारिक आवासों पर करीब 13,000 करोड़ रुपये का बिजली बिल का बकाया है। श्रीकांत शर्मा ने मंगलवार को एक बयान में कहा, 'इसे ध्यान में रखते हुए नेताओं और अधिकारियों के सरकारी आवास पर प्रीपेड मीटर लगाने का फैसला किया गया है।’

  • उत्तर प्रदेश में बिजली बिल भरने में पीछे हैं सरकारी अफसर और नेता
  • ऊर्जा मंत्री ने कहा, आधिकारिक आवासों पर 13 हजार करोड़ का बिल बाकी
  • नेताओं और अधिकारियों के सरकारी आवास पर प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे

उन्होंने कहा, ‘एक लाख प्रीपेड मीटर के ऑर्डर दे दिए गए हैं। जैसे-जैसे ये मीटर आते जाएंगे, सरकारी आवासों में लगते जाएंगे। सभी प्रतिष्ठित व्यक्तियों से भी अपने यहां प्रीपेड मीटर लगाने की अपील की जाएगी।’ ऊर्जा मंत्री ने कहा, ‘उत्तर प्रदेश में सरकारी विभागों और आधिकारिक आवासों पर करीब 13,000 करोड़ रुपये का बिजली बिल का बकाया है। इसकी वसूली के लिए राज्य सरकार ने किस्तों में भुगतान का विकल्प दिया है।’

उत्तर प्रदेश में बिजली चोरी रज़कने के लिए पांचों डिस्कॉम के तहत 75 थाने खोले जा रहे हैं। इसके लिए सरकार ने 2,050 पदों का सृजन किया है। अब तक 68 थाने खुल चुके हैं। इनमें तैनात पुलिसकर्मियों के लिए वेतन और दूसरे खर्चों का भार पावर कॉरपोरेशन उठाएगा। इन थानों के लिए 75 निरीक्षक, 375 उपनिरीक्षक, 675 मुख्य आरक्षी, 150 मुख्य आरक्षी कंसोल ऑपरेटर और 675 सिपाहियों के पद मंजूर किए गए हैं। इन थानों में तैनात पुलिसकर्मियों और अन्य कर्मचारियों का काम जिले के हर इलाके में बिजली चोरी रोकना है।

Next Story
Share it