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आरएसएस स्‍वयंसेवक परिवारों ने मनाई होली, नानाजी ने डाली थी परंपरा

आरएसएस स्‍वयंसेवक परिवारों ने मनाई होली, नानाजी ने डाली थी परंपरा
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गोरखपुर। एएनएन (Action News Network)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर के लाल डिग्गी पार्क में सोमवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने होलिकोत्सव का आयोजन किया। बड़ी तादाद में स्वयंसेवक परिवारों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाया और फूलों की हो रही बारिश में जमकर होली खेली। स्थानीय कलाकारों के फगुआ और पारम्परिक होली गीतों से पूरा वातावरण पर्वमय बना रहा।

वर्षों पुरानी इस परंपरा की नींव राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रचारक नानाजी देशमुख ने डाली थी। वर्ष 1939 में गोरखपुर आए नानाजी देशमुख ने स्‍वयंसेवकों और उनके परिवारों के साथ होली खेलने की परंपरा की शुरुआत की थी। होली में कीचड़, काले रंगों और पेंट आदि के प्रयोग को रोका था।

लोगों को साफ-सुथरी होली खेलने के लिए प्रेरित किया था। होली के दिन घंटाघर से भगवान नरसिंह की निकलने वाली शोभायात्रा की परम्‍परा बहुत पुरानी है, लेकिन तत्कालीन समय में इस शोभायात्रा के दौरान कुछ लोग होली खेलने के नाम पर कीचड़ फेंकते थे और चेहरों पर पेंट और अन्‍य खराब सामग्री पोतते थे। नानाजी ने इसे बंद करने को इस दिशा में कदम बढ़ाया था।

ऐसे बदली स्थिति

आरएसएस के प्रान्त प्रचार टोली सदस्य पुनीत पांडेय का कहना है कि नानाजी देशमुख ने इस स्थिति को बदलने का संकल्‍प लिया था। यही वजह है कि इस दिशा में उन्होंने ठोस कदम उठाया। भगवान नरसिंह शोभायात्रा में एक महावत का इंतजाम कराया। महावत को निर्देश दिया गया कि जहां काले या हरे रंग का ड्रम दिखे उसे हाथी को इशारा कर गिरवा दे।

धीरे-धीरे अगले कुछ वर्षों में लोगों ने काले-हरे रंगों, कीचड़ और पेंट का इस्‍तेमाल बंद कर दिया। भगवान नरसिंह शोभायात्रा आज गोरखपुर में होली की पहचान बन गई है। गोरक्षपीठाधीश्‍वर के तौर पर मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ इसकी अगवानी करते हैं। इनके पूर्व गुरु ब्रहमलीन महंत अवेद्यनाथ भी हर होली पर शोभायात्रा का शुभारंभ करने जाते थे।

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