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दुर्गम पर्वतीय गांवा में पहुंचा चेंबर का सहयोग रथ

दुर्गम पर्वतीय गांवा में पहुंचा चेंबर का सहयोग रथ
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खूंटी । एएनएन (Action News Network)

पत्थलगड़ी समर्थकों द्वारा सांस्कृतिक दल की महिलाओं के साथ सामूहिक दुष्कर्म जैसी घटनाओं के लिए चर्चित कोचांग के अलावा बोहोंडा, कुुरूंगा, साके, पड़ासू, बुरूहातू जैसे दुर्गम और घोर नक्सल प्रभावित गांवों में खूंटी चेंबर ऑफ़ काॅमर्स का सहयोग रथ पहुंचा। लोग गाड़ी की आवाज सुनकर वहां आते हैं। उन्हें बताया गया कि उन्हें भोजन और अन्य सहायता मिलेगी। फिर क्या था, ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी।

ग्रामीण चेंबर के इस कार्य के लिए उनकी प्रशंसा करते हुए आभार भी व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अभी तक किसी ने जंगलों में बसे इन गांवों के लोगों की सुधि नहीं ली थी। चेंबर के सदस्यों ने बच्चों के बीच जैसे ही कुरकुरे, बिस्कुट, चिप्स, मिक्चर आदि का वितरण किया, बच्चों के चेहरे पर खुशी देखते ही बनती थी। उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा था कि जहां पैसे से भी ये सामान गांव में नहीं मिल रहे हैं, तो मुफ्त में कौन देगा, लेकिन जैसे ही उनके हाथों में ये सामान आये, उनके चेहरे खिल उठे। कोरोना संक्रमण से ग्रामीणों को सावधान करते हुए चेंबर के अध्यक्ष विनोद जायसवाल ने कहा कि इससे बचने का सिर्फ एक ही उपाय है एक दूसरे से दूर रहना अर्थात शारीरिक दूरी बनाये रखना।

उन्होंने कहा कि बिना काम के घर से बाहर न निकलें और निकलना ही हो, तो मास्क लगाकर ही बाहर निकलें। सचिव ज्योति सिंह ने कहा कि कोरोना संक्रमण के इस दौर में चेंबर आगे भी अपने सामाजिक और नैतिक दायित्व का वहन करता रहेगा। सामग्री वितरण के दौरान चेंबर के सदस्यों ने ग्रामीणों के साथ केले के पत्ते में गरमा गर्म खिचडी का भी लुत्फ उठाया। मौके पर उपाध्यक्ष प्रशांत भगत, रवींद्र सिंह, संजय साहू, संतोष गुप्ता, विकास गुप्ता, मुकेश जायसवाल, रितेश भगत, पंकज भगत, नितेश भगत, विवेकानंद मिश्र, रवि शंकर चैधरी, नीरज मिश्र सहित अन्य उपस्थित थे।

चेंबर के सामग्री वितरण कार्यक्रम में एक महिला अपने अपने बच्चे को गोद में लेकर पहुंची। उसने बताया कि वह पहाड़ और नदी-नाला पारकर सात किलोमीटर दूर से राशन लेने पहुंची है। उसने बताया कि कोरोना बंदी के कारण उसका रोजगार छीन गया है। घर में राशन तक नहीं है। इसके कारण उसे बच्चे को लेकर सात किमी की दूरी तय कर उसे यहां आना पड़ा।

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