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लॉकडाउन ने खिलाड़ियों को एक दूसरे के साथ जुड़ने का मौका दिया : सविता

लॉकडाउन ने खिलाड़ियों को एक दूसरे के साथ जुड़ने का मौका दिया : सविता
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नई दिल्ली । एएनएन (Action News Network)

कोरोना वायरस महामारी के कारण लगाए गए लॉक डाउन के दौरान भारतीय पुरूष और महिला हॉकी टीम ने अपना समय भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के बेंगलुरु केन्द्र में बिताया। इस दौरान खिलाड़ियों ने प्रशिक्षण करने के अलावा कई तकनीकी जानकारी हासिल की।

लॉक डाउन के दौरान टीम के खिलाड़ियों को लगभग दो महीने एक साथ समय बिताने का मौका मिला। भारतीय महिला हॉकी टीम की गोलकीपर सविता का मानना है कि इस अवधि ने टीम के सदस्यों को एक दूसरे के साथ वास्तव में जुड़ने का मौका दिया।

हरियाणा के सिरसा की रहने वाली सविता ने कहा, "मैं हमेशा से ही बहुत शांत रही हूं, लेकिन मेरा मानना है कि लॉक-डाउन के दौरान हमने जो समय बिताया वह वास्तव में मेरे धैर्य के स्तर को एक नई ऊंचाई पर ले गया है। हम सभी बहुत आराम से साई सेंटर, बेंगलुरु में थे। मुझे लगता है कि इसने हमें एक दूसरे के साथ वास्तव में जुड़ने का मौका दिया।”

उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि इस तरह की परिस्थितियों में, आप 'क्या होगा' और 'क्या होने वाला है' के बारे में सोच सकते हैं, और यह तब होता है जब आप यह भी महसूस करते हैं कि हम में से प्रत्येक के लिए छोटे क्षण कितने महत्वपूर्ण हैं।

लॉकडाउन के दौरान मैंने अपने परिवार को बहुत याद किया है, लेकिन मैं बहुत खुश हूं, वे सभी सुरक्षित और स्वस्थ हैं। मैं यहां से घर वापस जाने के बाद वास्तव में इन क्षणों का बहुत महत्व दूंगी।"

मैदान पर हमेशा एक दृढ़ दृष्टिकोण के साथ खेलते हुए, सविता पिछले 12 वर्षों से भारतीय टीम के लिए एक दीवार की भूमिका निभा रही हैं, लेकिन उनका मानना है कि उनका सर्वश्रेष्ठ आना अभी बाकी है।

उन्होंने कहा,"यह एक मजेदार बात है कि जब मैंने पहली बार शुरुआत की, तो खेल के लिए मेरा आत्म-विश्वास और जुनून वास्तव में अन्य लोगों की तुलना में कम था। हालांकि, समय के साथ, मुझे खेल से प्यार होने लगा, और मैं अब सच में अपने खेल पर विश्वास करती हूं। मेरे लिए सर्वश्रेष्ठ अभी आना बाकी है।”

टोक्यो ओलंपिक का आयोजन अगले साल होना है, सविता ने कहा कि 2016 में रियो ओलंपिक में खेलने का उनका अनुभव उनके व्यक्तिगत प्रदर्शन को बेहतर बनाने में मदद करेगा।
उन्होंने कहा,"जैसा कि मैंने कहा कि मेरा सर्वश्रेष्ठ आना अभी बाकी है, तो यह इसलिए है क्योंकि मेरा लक्ष्य टोक्यो ओलंपिक में अपनी टीम के लिए असाधारण प्रदर्शन करना है, और यह सुनिश्चित करना है कि मैं रियो (ओलंपिक 2016) के बुरे सपने को पीछे छोड़ सकूं।

मुझे लगता है कि हमारी टीम उस समय वास्तव में थोड़ी कच्ची थी और हमने कुछ गलतियां भी कीं थीं। हालांकि, टोक्यो में 2021 निश्चित रूप से हमारी टीम के लिए इतिहास बनाने का एक बड़ा मौका होगा।" बता दें कि भारतीय टीम वर्तमान में एफआईएच विश्व रैंकिंग में नौवें स्थान पर है।

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