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मध्‍य प्रदेश में कोरोना से लड़ाई के साथ-साथ सेहत की भी चिंता कर रहे शिवराज

मध्‍य प्रदेश में कोरोना से लड़ाई के साथ-साथ सेहत की भी चिंता कर रहे शिवराज
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  • हर घर तक आयुर्वेदिक औषधियों से बना काढ़ा पाउडर पहुंचाने का अभियान

भोपाल । एएनएन (Action News Network)

मध्‍य प्रदेश में इन दिनों कोरोना वायरस से लड़ने के लिए शिवराज सरकार के प्रयासों के बीच अपने किए गए कार्यों का प्रचार करने का प्रयोग एक साथ दिखाई दे रहा है। सरकार भी अपने आयुष विभाग एवं वॉलंटियर्स के माध्‍यम से इन दिनों घर-घर निशुल्‍क दवाएं पहुंचा रही है।

इसी कड़ी में प्रदेश सरकार आयुर्वेदिक औषधियों से बना काढ़ा पाउडर घर-घर बंटवा रही है। आयुष विभाग की मदद से एक करोड़ 50–50 ग्राम काढ़े के ये पैकेट तैयार करवाए गए हैं। खास बात यह है कि इसी काढ़े के पैकेट पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का फोटो लगाया गया है।

त्रिकुट के साथ संसमनी और अणु तेल भी दे रही सरकार

जिस अमृत योजना का शुभारंभ प्रदेश में सोमवार को मुख्‍यमंत्री शिवराज ने किया, उससे 20 दिन पूर्व से ही घर-घर एवं अन्‍य लोगों तक यह काढ़ा पहुंचाने का कार्य शुरू कर दिया गया था। न केवल त्रिकुट दिया जा रहा है, बल्‍कि सरकार इसके साथ हर व्‍यक्‍त‍ि तक संसमनी वटी और अणु तेल भी निशुल्‍क पहुंचा रही है। इस बारे में भोपाल के शासकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय के डॉ. दीपक रघुवंशी ने 'हिन्दुस्थान समाचार' को बताया कि यदि देश के हर नागरिक में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ गई तो कोरोना जैसी बीमारी हमें होगी ही नहीं। इसलिए सीएम शिवराज सिंह का यह प्रयास बहुत ही सार्थक है।

उन्‍होंने बताया कि पिछले 20 दिनों से हमारी 80 सदस्‍यीय टीम छोटे-छोटे दलों में प्रतिदिन 10 से 15 हजार काढ़ा एवं अन्‍य प्रतिरोधक क्षमता विकसित करनेवाली दवाओं के पैकेट बांट रही है। मुख्‍यमंत्री की योजना इसे प्रदेश के हर घर तक पहुंचाने की है। ऐसे में हमारी कोशिश है कि राजधानी एवं उसके आस-पास के इलाकों में कोई घर इस काढ़े के पैकेट से नहीं छूट जाए।

कोरोना संक्रमण वाले जिले प्राथमिकता पर

इसके अलावा इंदौर में अष्टांग आयुर्वेदिक महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जगदीशचंद्र शर्मा, शासकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय राऊ के अधीक्षक डॉ. जगदीश पंचोली, डॉ. शिवदयाल परडे, डॉ. वैशाली परडे और समाजसेवी डॉ. प्रावीण चौरे और उनकी कोर हेल्थ सर्विसेस के वॉलेंटियर यह सामग्री घर-घर बांट रहे हैं। अभी कंटेनमेंट एरिया के लोगों को यह काढ़ा और औषधि दी जा रही है।

डॉ. प्रावीण चौरे ने बताया कि कोरोना के प्रति जागरुकता के साथ समझाइश और स्वच्छता का संदेश देते हुए यह औषधि नि:शुल्क वितरित की जा रही है। आयुष मंत्रालय के निर्देशानुसार पूरे शहर में इसका वितरण डॉ. शिवदयाल वरडे की देखरेख में करवाया जा रहा है। शासन की ओर से तैयार करवाए गए त्रिकटू चूर्ण, काढ़ा पावडर के पैकेट पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का भी फोटो लगा है। इसी तरह से प्रदेश के सभी जिलों में इसको घर-घर बांटने की योजना पर काम किया जा रहा है, जिसमें पहली प्राथमिकता में वे जिले हैं, जिनमें कोरोना का संक्रमण सबसे अधिक है या प्राथमिक स्‍तर पर है।

सीएम शिवराज की सलाह, दिन में तीन से चार बार पीएं काढ़ा

जनसंपर्क अधिकारी पंकज मित्‍तल ने कहा कि मुख्‍यमंत्री का मानना है कि कोरोना संकट के इस दौर हर व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी पावर) अच्‍छी बनी रहनी चाहिए, जिससे यह वायरस हम पर प्रभाव न कर पाए। हम ऐसे प्रयास करें, जिससे कोरोना हो ही नहीं। हमारे ऋषियों एवं वैद्यों ने आयुर्वेद में ऐसी औषधियों बनाई हैं, जिनसे हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और हम स्‍वस्‍थ्‍य रहते हैं। हमारे आयुष विभाग द्वारा तैयार किया गया विशेष त्रिकुट चूर्ण-काढ़ा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में अत्‍यधिक कारगर है। इसे प्रतिदिन तीन से चार बार पीना चाहिए।

इनका यह भी कहना है कि अभी मुख्‍यमंत्री की इच्‍छानुसार प्रारंभ में जीवन अमृत योजना के अंतर्गत आयुष विभाग के सहयोग से मध्‍यप्रदेश लघु वनोपज संघ द्वारा इस काढ़े के 50-50 ग्राम के पैकेट्स तैयार किए गए हैं। ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में लगभग एक करोड़ व्‍यक्तियों को यह काढ़ा नि:शुल्‍क वितरित किया जा रहा है। मुख्‍यमंत्री चौहान चाहते हैं कि इस अत्‍यंत उपयोगी काढ़े को आप स्‍वयं पीएं तथा अपने परिवार को पिलाएं, निरोग रहें त‍था सुखी रहें।

मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इस काढ़े को बनाने की विधि भी बताते हुए अमृत योजना लान्‍च करते वक्‍त नजर आ चुके हैं। उन्‍होंने बहुत ही सहजता से आग्रह देकर बताया था कि कैसे पीपल, सोंठ एवं काली-मिर्च को समान मात्रा में मिलाकर तथा कूटकर तैयार कर इस त्रिकुट चूर्ण को 3-4 तुलसी के पत्‍तों के साथ एक लीटर पानी में उबाकर बनाया जाता है। उन्‍होंने बताया था कि जब पानी आधा रह जाए, तब लगभग एक-एक कप कुनकुना काढ़ा दिन में तीन से चार बार पीएं।

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