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झारखंड

सूनापन बिखरा है पवित्र शिवगंगा सरोवर में

सूनापन बिखरा है पवित्र शिवगंगा सरोवर में
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देवघर । Action India News

देवघर-सावन का महिना चल रहा है और बाबा बैधनाथ धाम के आंगन सहीत पूरे शहर में सन्नाटा छाया हुआ है । पूरी तरह से वातावरण में एक ठहराव सा प्रतीत होता है। कोरोना संक्रमण के भय ने इस वर्ष के श्रावणी मेला पर ग्रहण लगाते हुए इसे स्थगित करने में अपनी पूरी भूमिका अदा की है।

श्रावणी माह के इस मनमोहक वातावरण में भी पूरी शिव गंगा की घाट सुनी है कहते हैं जब श्रद्धालु या कांवरिया बाबा धाम पहुंचते हैं तो सबसे पहले शिवगंगा में स्नान के बाद ही पूजा संकल्प करवाते हैं । किसी भी शुभ आयोजन में शिव गंगा स्नान का अपना एक धार्मिक महत्व है।

कहते हैं जब रावण महादेव की लिंग को लेकर कैलाश पर्वत से लंका के लिए पुष्पक विमान से चला था तो देवों ने अपने तप बल से रावण के पेट में एक वेग उतपन्न कर दिया जिससे रावण को लघु शंका लग गयी और मजबूरन उसे अपने विमान को नीचे उतार कर एक ग्वाला बालक के हाथ में शिव लिंग को देना पड़ा।

वही शिवलिंग ग्वाला के हांथों में देते हुए रावण ने शिवलिंग को जमीन पर नहीं रखने का हिदायत देकर लघु शंका के लिए चला गया। लघुशंका से निपटने के बाद जब हाथ धोने के लिए उसे कहीं जल नहीं दिखा दो क्रोध में आकर रावण ने अपने मुट्ठी से पृथ्वी पर जोरदार प्रहार किया जिससे जल का फव्वारा फूट पड़ा और बाद में आगे चलकर इसे शिवगंगा कहा गया।

कहते हैं शिव गंगा में स्नान करने से जन्म जन्म के पाप का नाश हो जाता है पर आज उसी शिव गंगा के तट पर श्रद्धालुओं की कमी के कारण सन्नाटा पसरा हुआ है । बरहाल सुरक्षा के दृष्टिकोण से शिवगंगा के चारों ओर बेरिकेटिंग करवा दिया गया है और एनडीआरएफ की टीम लगातार अपने ड्यूटी निभानें में जुटे हुए हैं।

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