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गौभक्त बोले, योगी के इस कानून से गौ तस्कर अब घिनौना अपराध करने से डरेंगे

गौभक्त बोले, योगी के इस कानून से गौ तस्कर अब घिनौना अपराध करने से डरेंगे
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  • योगी सरकार के इस कानून से गायें भी आयीं अब सुरक्षा के दायरे में

  • गोहत्या करने वालों को कड़ा दंड देने का प्रावधान किये जाने से गायों पर नहीं होगा अत्याचार

हमीरपु । एएनएन (Action News Network)

गोवंशों के संरक्षण को लेकर पहली बार योगी आदित्यनाथ की सरकार ने एक बड़ा कानून बनाया है, जिससे गौ तस्कर सकते में आ गये हैं। गौ भक्तों ने इस कानून को एतिहासिक बताते हुये कहा कि ये कानून गौवंश का रक्षाकवच साबित होगा।

बता दें कि योगी आदित्यनाथ की सरकार ने गौवंश की सुरक्षा के लिये एक बड़ा और ऐतिहासिक कानून बनाया है, जिसमें गौवंश की हत्या करने पर दस साल की कैद, पांच लाख रुपये का जुर्माना, गौवंश का अंग भंग करने पर सात साल की जेल, तीन लाख रुपये का जुर्माना तथा ऐसे अपराध में दूसरी बार पकड़े जाने पर गैंगेस्टर एक्ट की कार्यवाही किये जाने का प्रावधान रखा गया है। गौहत्या, गौ तस्करी गैर जमानती अपराध के दायरे में भी लाते हुये आरोपितों की सम्पत्ति की कुर्की व अन्य कार्यवाही भी सुनिश्चित की गयी है।

इस कानून को लेकर भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता बाबूराम प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि भाजपा की सरकार का ये कानून और कानून में किये गये प्रभावी प्रावधान से गायों पर होने वाले अत्याचार पर विराम लगेगा। उन्होंने कहा कि गायों के संरक्षण के लिये योगी आदित्यनाथ की सरकार ने लगातार काम किया है। लेकिन गौरक्षा के लिये ये कानून लाकर सरकार ने बड़ा क्रांतिकारी कदम उठाया है।
भाजपा के पूर्व उपाध्यक्ष एवं आरएसएस के कार्यकर्ता रामबिहारी शुक्ला ने बताया कि योगी सरकार ने गायों को सुरक्षा के दायरे में लाने के लिये बड़ा ही ऐतिहासिक कानून बनाया है जिससे गौ तस्कर अब घिनौना अपराध करने से डरेंगे। उन्होंने कहा कि इससे पहले किसी भी दल की सरकार ने इतना बड़ा कदम नहीं उठाया है। इस कानून को सभी लोग स्वागत कर रहे हैं।

गौ रक्षक नीशू गुप्ता ने बताया कि योगी आदित्यनाथ की सरकार का ये फैसला स्वागत योग्य है। इस कानून में जो प्रावधान किया गया है उससे लोग गोहत्या करने से डरेंगे। उन्होंने कहा कि इस कानून से बुन्देलखंड क्षेत्र में छुट्टा गाये छोडऩे की आदत भी लोगों में खत्म होगी।

कांग्रेस की जिलाध्यक्ष नीलम निषाद ने इस कानून को लेकर हिस से कहा कि गायों की रक्षा और उनके संवर्धन के लिये तो कानून सही बनाया गया है, लेकिन सरकार को चाहिये हर गांव में गोशालाओं के संचालन कराये जाने की व्यवस्था करे। उन्होंने कहा कि गांव में गोशालायें शुरू में चलती थी जिसे सरकार ने ही खत्म किया है।

पुरानी व्यवस्था में गायों पर अत्याचार नहीं होता था। माधव सेवा समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक निषाद उर्फ गुरु ने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गायों के संवर्धन के लिये एतिहासिक कानून लाकर गोहत्या करने वालों और तस्करों को कड़ा संदेश दिया है। इस कानून से अब कोई भी गायों पर अत्याचार नहीं कर सकेगा।

समर्थ फाउन्डेशन के सचिव देवेन्द्र गांधी ने बताया कि इस नये कानून और इसमें किये गये प्रावधान से प्रदेश में गायों की सुरक्षा अब सुनिश्चित होगी। समाजसेवी जलीस खान ने न्यूज एजेंसी को बताया कि गायों की पूजा करने वाले लोग इसे दूध न देने पर छुट्टा छोड़ देते हैं। जिससे गायों को तस्कर ले जाकर काट देते हैं।

प्रदेश के मुख्यमंत्री ने गायों के जीवन को महफूज रखने के लिये बहुत अच्छा कानून बनाया है। इससे गायों के साथ इस तरह की क्रूरता करने से लोग खौफ खायेंगे। उन्होंने कहा कि बिना भय के कोई काम भी नहीं होता है और योगी का ये कानून गायों की रक्षा करेगा।

हमीरपुर में सड़क और खेतों में घूम रही है 37834 छुट्टा गायें

जनपद में 37834 गौवंश सड़कों और खेतों में छुट्टा घूम रहे है। इन गौवंश के भूसे व चारे के लिये कोई इंतजाम भी नहीं है। भीषण गर्मी में ये छुट्टा गौवंश इन दिनों पानी के लिये जंगलों में उछलकूद कर रहे है।

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा.एके यादव ने एक्शन इंडिया समाचार को बताया कि जनपद में 330 स्थानों पर गोशालायें संचालित हो रही है। इन गोशालाओं में 32426 गौवंश बंद है। इन्हें भूसा और चारे के इंतजाम किये गये है। पानी की भी व्यवस्थायें गोशालाओं में की गयी है। उन्होंने बताया कि गोशालाओं के अतिरिक्त जनपद में इस समय 37 834 गौवंश छुट्टा घूम रहे है।

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