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बेगूसराय में तीन दिवसीय सामाजिक समरसता कुंभ कल से , कलश यात्रा से होगा शुभारंभ

बेगूसराय में तीन दिवसीय सामाजिक समरसता कुंभ कल से , कलश यात्रा से होगा शुभारंभ
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बेगूसराय। एएनएन (Action News Network)

बेगूसराय में वनवासी कल्याण आश्रम द्वारा छह मार्च से शुरू होने वाले सामाजिक समरसता कुंभ की सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है। समरस समाज के निर्माण में अहम भूमिका प्रदान करने के साथ पूरे देश के वंचित समाज के लोगों को एक नया संदेश देने के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में बिहार के विभिन्न जिलों से वंचित समुदाय के एक लाख से अधिक लोग शामिल होंगे। बेगूसराय के अति पिछड़े गांव कुसमहौत में आयोजित होने वाले इस कुंभ तथा शबरी माता मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम की शुरुआत शुक्रवार की सुबह कलश शोभा यात्रा से होगी तथा पूजन के बाद आशीर्वचन कार्यक्रम होगा।

इसके बाद राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के उत्तर पूर्व क्षेत्र के संघ चालक सिद्धिनाथ सिंह, उत्तर बिहार प्रान्त प्रमुख रामकुमार, वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कृपा प्रसाद समेत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, वनवासी कल्याण आश्रम तथा सामाजिक समरसता के कई केंद्रीय और प्रांतीय पदाधिकारी शामिल रहेंगे। कार्यक्रम को अंतिम रूप देने के लिए गुरुवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांतीय समरसता प्रमुख अमरेंद्र कुमार सिंह उर्फ लल्लू बाबू के आवास पर समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। वनवासी कल्याण आश्रम के जिलाध्यक्ष शंभू कुमार की अध्यक्षता में सम्पन्न बैठक में कार्यक्रम के विभिन्न्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा कर निर्णय लिया गया।

वनवासी कल्याण आश्रम के जिलाध्यक्ष शंभू कुमार ने बताया कि महाकुंभ में समाज के वंचित तथा अंतिम पायदान पर बैठे लोगों की अधिक से अधिक सहभागिता पर बल देकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर एक सकारात्मक सन्देश देने का प्रयास किया जा रहा है। प्रथम दिन कलश शोभायात्रा, प्राण प्रतिष्ठा एवं ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और वनवासी कल्याण आश्रम के प्रमुख पदाधिकारियों का सामाजिक समरसता पर बौद्धिक संबोधन होगा।

जबकि सात मार्च को आयोजन समिति के अध्यक्ष राज्यसभा सांसद प्रो राकेश सिन्हा, केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति समेत कई अन्य सांसद एवं केंद्रीय मंत्री उपस्थित रहेंगे। उन्होंने बताया कि सामाजिक समरसता कायम करने तथा अपने धर्म और संस्कृति के गूढ़ आयाम को बेहतर तरीके से जानने-समझने में यह आयोजन मील का पत्थर साबित होगा। कुसमहौत में शबरी मंदिर के निर्माण तथा महाकुंभ के आयोजन से यह क्षेत्र पर्यटन और स्वरोजगार के लिए भी उपयोगी साबित होगा।

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