Top
Action India

केंद्र व प्रदेश की स्वरोजगार योजनाएं युवाओं के लिए एक सुनहरी किरण

केंद्र व प्रदेश की स्वरोजगार योजनाएं युवाओं के लिए एक सुनहरी किरण
X

सोलन । Action India News

वैश्वीकरण और निजीकरण के वर्तमान दौर में शिक्षित युवाओं के लिए ऐसा रोजगार प्राप्त करना कठिन होता जा रहा है जो न केवल उनकी मूलभूत आवश्यकताओं अपितु सुरक्षित भविष्य के सपने को भी साकार कर सके। ऐसी परिस्थितियों में बेरोज़गार युवाओं के लिए आशा की किरण बनकर उभर रही हैं केन्द्र एवं प्रदेश सरकार की वो योजनाएं जिनके अन्तर्गत सही समय पर उचित उपदान के साथ ऋण प्राप्त हो रहा है।

सोलन जिला के ओच्छघाट की रहने वाली रजनी शर्मा जो प्रदेश विश्वविद्यालय से एमएससी शिक्षित हैं ने लघु स्तर पर कपड़ा उद्योग स्थापित करने के लिए वर्ष 2017-18 में जिला उद्योग केन्द्र सोलन से जानकारी प्राप्त कर कपड़ा उद्योग के लिए उन्हें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत समुचित ऋण उपलब्ध करवाया गया ।

रजनी शर्मा ने अपने देवर भानु शर्मा के साथ मिलकर ओच्छघाट में कपड़ा उद्योग स्थापित करने की विस्तृत योजना खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड को प्रस्तुत की। उन्हें शीघ्र ही वर्ष 2018 में लघु कपड़ा उद्योग स्थापित करने के लिए आठ लाख रुपए का ऋण प्राप्त हुआ । उन्हें खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा 35 प्रतिशत उपदान भी प्राप्त हुआ।

रजनी शर्मा ने इस ऋण की सहायता से ‘कामाक्षी एंटरप्राइजिज’ के नाम से अपना लघु उद्योग स्थापित किया। यहां उन्होंने विभिन्न विद्यालयों की वर्दी के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र में कार्यरत उद्योगों की वर्दी तथा प्रयोगशालाओं में प्रयुक्त होने वाली वर्दी इत्यादि का उत्पादन आरम्भ किया। उनकी कार्यकुशलता एवं कार्य के ज्ञान ने उनके लघु उद्योग को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

रजनी शर्मा ने इस सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने उद्योग स्थापित करने से पूर्व जिला के अग्रणी बैंक यूको बैंक के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान से 10 दिवस का प्रशिक्षण प्राप्त किया। वर्दी के लिए कच्चा माल अर्थात कपड़ा दिल्ली, अम्बाला एवं लुधियाना से मंगवाते हैं। उन्होंने कहा कि तैयार उत्पादन की गुणवत्ता उनकी पहचान है। उन्होंने कहा कि तैयार उत्पाद को वे उचित एवं ऐसे प्रतियोगी मूल्य पर उपलब्ध करवाते हैं जो कपड़ा उद्योग के केन्द्र लुधियाना एवं अम्बाला से बेहतर है। उन्होंने कहा कि उनका उद्योग 2 वर्ष की अल्प अवधि में ही अपनी पहचान बनाने में सफल रहा है।

Next Story
Share it