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आईएसएल-7 : बेंगलुरु के अजेयक्रम को तोड़ने उतरेगा एटीकेएमबी

आईएसएल-7 : बेंगलुरु के अजेयक्रम को तोड़ने उतरेगा एटीकेएमबी
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गोवा । एक्शन इंडिया न्यूज़

हीरो इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के सातवें सीजन की दो इन फॉर्म टीमें-मौजूदा चैम्पियन एटीके मोहन बागान और बेंगलुरु एफसी सोमवार को यहां फातोर्दा के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में एक-दूसरे से भिड़ेगी। जहां, एक तरफ एटीकेएमबी का आक्रमण और डिफेंस बेहद मजबूत दिख रहा है तो वहीं बेंगलुरु के आंकड़े भी खराब नहीं है और टीम इस सीजन में अब तक एक भी मैच नहीं हारी है।

ये आंकड़े बताते हैं कि दोनों टीमों के बीच होने वाला यह मुकाबला काफी प्रतिस्पर्धात्मक हो सकता है क्योंकि दोनों ही फिलहाल टॉप-4 में है। एटीकेएमबी के कोच एंटोनियो हबास इस बात से अच्छी तरह से अवगत है कि उनकी टीम को अभी असली चुनौती का सामना करना बाकी है। लेकिन इसके बावजूद हबास को तीन अंक से कम कुछ मंजूर नहीं होगा।

हबास ने कहा, "मुझे लगता है कि सभी मैच को जीतना असंभव है। टीमें काफी संतुलित है और सभी टीमों के लिए जीत की लय को बनाए रखना मुश्किल है। फुटबॉल में तीन अंक पाने का विचार अच्छा है। मैं ड्रॉ या हारने के बारे में नहीं सोच सकता।"

एटीकेएमबी के डिफेंडरों का लीग में अब तक सबसे ज्यादा टैकल (233) है। हबास ने कहा, बेंगलुरु एक मजबूत टीम है। हमारे लिए अन्य मैचों की तरह ही इसमें भी तीन अंक लेना महत्वपूर्ण है। लेकिन मैं जानता हूं कि बेंगलुरु और एटीके मोहन बागान का मैच महत्वपूर्ण है। हम मैच के फैसले आने तक प्रतिद्वंद्वी का सम्मान करते हैं।"

दूसरी तरफ, बेंगलुरु के कोच कार्लेस कुआड्रॉर्ट मानते हैं कि उनकी टीम को अपना अजेयक्रम जारी रखने के लिए एटीके मोहन बागान के खिलाफ शारीरिक चुनौती का सामना करना पड़ेगा।

कुआड्रॉर्ट ने कहा, " उनके पास (एटीके मोहन बागान) एक ऐसी टीम है जिसमें बहुत अच्छे खिलाड़ी है। हम उनके बारे में जानते हैं। वे उच्च गति के साथ खेल रहे हैं। हमने एफसी गोवा के खिलाफ उनके खेल में देखा कि कैसे उनके खिलाड़ी एक कॉम्पैक्ट इकाई के रूप में खेलते हैं और काउंटर अटैक और ओपन प्ले से फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। "

उन्होने कहा, " हबास की टीम इसी वजह से चैंपियन रही है। वे जानते हैं कि डिफेंड कैसे करना है। हमें भी यही प्रयास करना और बचना है। हमें स्कोर करने के लिए पर्याप्त मौके बनाने होंगे क्योंकि उनका डिफेंस बहुत अच्छा हैं और उन्होंने अब तक बहुत कम गोल खाए हैं।"

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